ऐतिहासिक

जंग ए बद्र: इस्लामी इतिहास का‌ पहला पवित्र युद्ध

इस्लामी तारीख़ की एक अहम जंग जिसमें मुसलमानों की तादात बहुत कम और कुफ्फार की तीन गुना ज्यादा थी लेकिन अल्लाह तआला ने इस जंग में मुसलमानों की मदद फरमाई और फतह हासिल हुई। जब नबी करीम ﷺ हिजरत करके मदीना तशरीफ़ लाए तो ये बात कुफ्फार ए मक्का को नागवार गुज़ारी और वो मुसलमानों […]

ऐतिहासिक

जंग-ए-बद्र

17 रमज़ान सन 2 हिजरी (13 मार्च 624 A.D.) जुमे के दिन इस्लामी तारीख की पहली जंग हुई थी जिसे जंग-ऐ-बद्र के नाम से जाना जाता है। अल्लाह ताला ने क़ुरान में जंग-ए-बदर के दिन का नाम यौमुल “फुरकान” रखा है। जंग में लश्करों की तादात: मुसलमान 313, घोड़े 2, ऊंट 70, जंगी सामान की […]

मसाइल-ए-दीनीया

रोज़े के तअल्लुक़ से ग़लत फहमियां और उनका दुरस्त जवाब

1️⃣: उल्टी आने से रोज़ा टूट जाता है।दुरुस्त मसला: चाहे कितनी ही उल्टी आने से रोज़ा नही टूटता, लेकिन जान बुझ कर मसलन: उंगली वगेरह मुंह मैं डालकर उल्टी की और वो मुंह भर कर हो तो रोज़ा टूट जाता है!जबके रोजेदार होना याद हो. 2️⃣:रोज़े की हालत में एहतेलाम हो जाए तो रोज़ा टूट […]

सामाजिक

सर झुका कर क्यों ?

लेखक: ग़ुलाम मुस्तफ़ा नई़मी, दिल्लीअनुवादक: मुहम्मद तशहीर रज़ा मरकज़ी, शाहजहांपुर इन दिनों हिंदुओं की लगभग हर रैली, जुलूस, यात्रा में एक गाना ख़ूब बजाया जा रहा है जिसके शब्द हैं;“टोपी वाला भी सर झुका के जय श्रीराम बोलेगा” शायद ही कोई रैली या सभा हो जिसमें यह गाना ना बज रहा हो, अगर यह रैली […]

मसाइल-ए-दीनीया

मसाइल-ए-रोज़ा (क़िस्त 01)

मसअला:रोजा शरीअत की बोलचाल में मुसलमान का इबादत की नियत से सुबहे सादिक से गुरुबे आफ़ताब तक अपने को कस्दन (जानबूझ कर) खाने पीने जिमा (यानी हमबिस्तरी) से बाज़ रखना (यानी रोक कर रखना) औरत का हैज़ (यानी MC) व निफास (यानी बच्चा होने के बाद जो खून आता है) से खाली होना शर्त है।📚 […]

धार्मिक

रोज़ा का बयान (क़िस्त 6)

हदीस शरीफ़:हाकिम ने कअब इब्ने अजरह रज़िअल्लाहु तआला अन्ह से रिवायत की रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:सब लोग मिम्बर के पास हाज़िर हों हम हाज़िर हुए जब हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम मिम्बर के पहले दर्जा पर चढ़े कहा आमीन दूसरे पर चढ़े कहा आमीन तीसरे पर चढ़े कहा आमीन जब. मिम्बर से […]

मसाइल-ए-दीनीया

सदक़ा-ए-फित्र

मसअला:सदक़ये फित्र मालिके निसाब मर्द वह औरत बालिग नाबालिग आक़िल पागल हर मुसलमान पर वाजिब है, 2 किलो 47 ग्राम गेंहू या उसकी क़ीमत अदा करें।📕अनवारूल ह़दीस सफह 257 हदीस:रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते हैं कि बन्दे का रोज़ा आसमानो ज़मीन के बीच रुका रहता है जब तक कि सदक़ये फित्र अदा […]

धार्मिक

रोज़ा का बयान (क़िस्त 5)

हदीस शरीफ़:बैहक़ी अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस रज़िअल्लाहु तआला अन्हुमा से रावी के रसूलल्लाह सल्लल्लाहू तआला अलैही वसल्लम फरमाते हैं:रोज़ा दार की दुआ इफ़्तार के वक्त़ रद्द नहीं की जाती। हदीस शरीफ़:इमाम अहमद व तिरमिज़ी व इब्ने माजा व इब्ने ख़ुज़ैमा व इब्ने हब्बान अबू हुरैरह रज़िअल्लाहू तआला अन्ह से रिवायत करते हैं रसूलल्लाह सल्लल्लाहू […]

गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

खूनी बवासीर से रोज़े पर कोई असर नहीं पड़ता : उलमा-ए-किराम

गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर शुक्रवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]

मसाइल-ए-दीनीया

ए’तिकाफ़ का बयान

(कंज़ुल ईमान)और औरतों को हाथ ना लगाओ जब तुम मस्जिदों में एअतिकाफ से हो।📕 पारा 2,सूरह बक़र,आयत 187 हदीस:मोअतकिफ ना तो किसी मरीज़ की इयादत को जा सकता है ना जनाज़े में शामिल हो सकता है ना किसी औरत को छू सकता है और ना मस्जिद से बाहर निकल सकता है।📕 अबु दाऊद,जिल्द 2,सफह 492 […]