(कंज़ुल ईमान)और औरतों को हाथ ना लगाओ जब तुम मस्जिदों में एअतिकाफ से हो।📕 पारा 2,सूरह बक़र,आयत 187 हदीस:मोअतकिफ ना तो किसी मरीज़ की इयादत को जा सकता है ना जनाज़े में शामिल हो सकता है ना किसी औरत को छू सकता है और ना मस्जिद से बाहर निकल सकता है।📕 अबु दाऊद,जिल्द 2,सफह 492 […]
Author: Hindi@Hamariaawaz
रोज़ा का बयान (क़िस्त 4)
हदीस शरीफ़:इमाम अहमद और बहक़ी रिवायत करते हैं किहुज़ूर ने फ़रमाया:रोज़ा सिपर (ढाल) है और दोज़ख़ से हिफ़ाज़त का मज़बूत क़िला, इसी के क़रीब क़रीब जाबिर व उस्मान बिन अबिल आस व मआज़ बिन जबल रज़िअल्लाहू तआला अन्हुम से मरवी हदीस शरीफ़:अबुल यअला व बहक़ी सलमा बिन क़ैस और अहमद व बज़्ज़ार अबू हुरैरह रज़िअल्लाहू […]
भारतीय पत्रकारिता महोत्सव में वरिष्ठ पत्रकार ताहिर कमाल सिद्दीकी को मीडिया अवार्ड से नवाज़ा
देश के जाने माने पत्रकारों की मौजूदगी में भारतीय पत्रकारिता महोत्सव के पहले दिन इंदौर शहर के पत्रकारों का मीडिया अवार्ड के माध्यम से सम्मान किया गया। इसी कड़ी में पत्रकार ताहिर कमाल सिद्दीक़ी को उत्कृष्ट पत्रकारिता हेतु मीडिया अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पत्रकारिता के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करते हुए […]
रोज़ा का बयान (क़िस्त 3)
हदीस शरीफ़:सहीहीन व सुनने तिर्मिज़ी व निसाई व सहीह इब्ने ख़ुज़ैमा में सहल बिन सअद रज़िअल्लाहू तआला अन्ह से मरवी है किरसूलल्लाह सल्लल्लाहू तआला अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं:जन्नत में आठ (8) दरवाज़े हैं उनमें एक दरवाज़ा का नाम रय्यान है इस दरवाज़ा से वोही जाएंगे जो रोज़े रखते हैं। हदीस शरीफ़:बुखारी व मुस्लिम में अबू […]
ज़कात का बयान
सवाल:ज़कात फ़र्ज़ है या वाजिब,जवाब:- ज़कात फर्ज है । उसकी फर्जीयत का इन्कार करने वाला काफ़िर और न अदा करने वाला फ़ासिक और अदायगी मे देर करने वाला गुनाहगार मरदूदुश्शहादा हैं (गवाही देने के लायक नहीं है) सवाल:ज़कात फ़र्ज होने की शर्तें क्या हैं?जवाब:- चन्द शर्तें हैं, मुसलमान आकिल बालिग होना, माल बक़दरे निसाब का […]