मसाइल-ए-दीनीया

मसाइल-ए-ज़कात (क़िस्त 02)

मसअला: जिसके पास 7.5 तोला सोना या 52.5 तोला चांदी या इसके बराबर की रकम पर साल गुज़र गई तो ज़कात फर्ज़ हो गई।📕 फतावा आलमगीरी,जिल्द 1,सफह 168۞ मसलन आज 09,अप्रेल 2022,को चांदी 69125 हज़ार रू किलो है यानि 52.5 तोला चांदी जो कि 653.184 ग्राम हुई उसकी कीमत तक़रीबन 36400,रू हुई तो अगर आज […]

धार्मिक

रोज़ा का बयान (क़िस्त 1)

अल्लाह अज़्जा व जल्ल फ़रमाता है: तर्जमा—– ऐ ईमान वालो तुम पर रोज़ा फ़र्ज़ किया गया जैसा उन पर फ़र्ज़ हुआ था जो तुमसे पहले हुए ताके तुम गुनाहों से बचो चंद दिनों का फिर तुम मैं जो कोई बीमार हो या सफर में हो वो और दिनों में गिनती पूरी कर ले, और जो […]

धार्मिक

रमज़ानुल मुबारक की बरकतें

रमज़ानुल मुबारक में नेकियों का सवाब बढ़ाकर 70 से 700 गुना तक कर दिया जाता है।📚 बहारे शरीयत,जिल्द 1,हिस्सा 5 जिसने किसी रोज़ादार को सिर्फ एक खजूर से ही अफ्तार करा दिया तो उसे उतना ही सवाब मिलेगा जितना रोज़ादार को मिला।📚 बहारे शरीयत,जिल्द 1,हिस्सा 5 जिसने मक्का शरीफ में रमज़ान पाया तो उसे एक […]

मसाइल-ए-दीनीया

मसाइल-ए-ज़कात (क़िस्त 01)

कुरआन (कंज़ुल ईमान): कुछ अस्ल नेकी ये नहीं कि (नमाज़ में ) मुंह मशरिक या मग़रिब की तरफ करो हाँ अस्ल नेकी ये है कि ईमान लाये अल्लाह और क़यामत और फरिश्तों और किताब और पैगम्बरों पर,और अल्लाह की मुहब्बत में अपना अज़ीज़ माल दें रिश्तेदारो और यतीमों और मिस्कीनों और राह गीर और साईलों […]

सामाजिक

जिन्दगी सामने थी और तुम दुनियां मे उलझे रहे

लेखक: जगदीश सिंह, सम्पादक एक दिन शिकायत‌ तुम्हे वक्त से नहीं खुद से होगी! कि जिन्दगी सामने थी और तुम दुनियां मे उलझे रहेे! जीवन चक्र का अनवरत अबाध गति से शनै: शनै: आगे बढ़ते रहना प्रकृति प्रदत्त नियम है! इसमें न कहीं अवरोध है! न बिरोध है!आज के मतलबी संसार में जहां कोई नही […]

धार्मिक

रोज़ेदार को इफ्तार कराने की फ़ज़ीलत

रोज़ादार को इफ्तार कराना बहुत बड़ा सवाब है उस से उसके गुनाह माफ़ हो जाते हैं और दोज़ख से आज़ादी लिख दी जाती है हज़रत सलमान फारसी रज़ि अल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है कि हुजूरे अक्दस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने माहे रमज़ान के फ़ज़ाइल में फरमाया कि जो रमज़ान में रोज़ादार को इफ्तार […]

धार्मिक

बयान-ए-रमज़ान (क़िस्त 05)

मसाइले रोज़ा मसअला- दूसरे का थूक निगल गया या अपना ही थूक हाथ पर लेकर निगल गया रोज़ा जाता रहा यानि टूट जायेगा।📕बहारे शरीअत जिल्द,1 हिस्सा 5 मसअला- मुंह से खून निकला और हलक़ से उतरा तो अगर मज़ा महसूस हुआ तो रोज़ा टूट गया और अगर खून कम था या मज़ा महसूस ना हुआ […]

धार्मिक

हर बुर्दबार मर्द व औरत हैरत में मुब्तला है

हज़रते सय्यिदुना वासिला बिन अस्क़अ رَضِیَ اللّٰہُ تَعَالٰی عَنْہ से रिवायत है कि हुज़ूर नबिय्ये अकरम , शफ़ीए मुअज़्ज़म صَلَّی اللہُ تَعَالٰی عَلَیْہِ وَاٰلِہٖ وَسَلَّمَ ने हमें इरशाद फ़रमाया : तुम अपने मुर्दों के पास हाज़िर रहो और उन को ‏ لا إِلَهَ إِلَّا الله की तल्क़ीन किया करो और जन्नत की बिशारत दिया करो […]

कविता

कविता: जोंक

रोपनी जब करते हैं कर्षित किसान ;तब रक्त चूसते हैं जोंक!चूहे फसल नहीं चरतेफसल चरते हैंसाँड और नीलगाय…..चूहे तो बस संग्रह करते हैंगहरे गोदामीय बिल में!टिड्डे पत्तियों के साथपुरुषार्थ को चाट जाते हैंआपस में युद्ध करकाले कौए मक्का बाजरा बांट खाते हैं!प्यासी धूपपसीना पीती है खेत मेंजोंक की भाँति!अंत में अक्सर हीकर्ज के कच्चे खट्टे […]

मसाइल-ए-दीनीया

ज़कात की रक़म से मकान या दवाई देना ???

सवालज़कात की रक़म से मकान ता’मिर कर के गरीबों को देना हो या उस से दवाई दिलानी हो तो क्या सूरत है? ۞۞۞ जवाब ۞۞۞ ता’मिर करने वाले बिल्डर को ज़कात देने वाले का वकील बना दे के“हमारी तरफ से आप इन पैसो से मकान बना कर गरीबों को ज़कात में मकान दे दें”या मेडिकल […]