ऐतिहासिक

माह-ए-रमजान में बातिल के विरुद्ध इस्लाम की पहली लड़ाई जंगे बद्र

मौलाना मो० जहांगीर आलम महजूरुल क़ादरीज़िला अध्यक्ष बिहार स्टेट उर्दू टीचर्स एसोसिएशन नवादा अपने साथियों से पूछने लगा कि क्या यह वही जगह है जहां लकीर खिंची गयी थी। उसके साथियों ने हां कहा तो वह छटपटाते हुए दायरे से बाहर निकलने लगा, लेकिन नहीं निकल पाया। तब साथियों से कहने लगा कि मोहम्मद सल्लाहो […]

दिल्ली

स्वच्छ ऊर्जा के लिए माइग्रेशन पर ध्यान केंद्रित करने हेतु भारत के सबसे बड़े और एकमात्र विंड एनर्जी (पवन ऊर्जा) ट्रेड फेयर और सम्मेलन का आयोजन

• नेट जीरो एमिशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए विंड टरबाइनों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, उच्च स्वदेशीकरण, आसान वित्तपोषण प्रक्रिया और क्रॉस-इंडस्ट्री कलैबरैशन (सहकार्यता) पर विचार-विमर्श किया जायेगा। • पवन ऊर्जा में वृद्धि द्वारा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में 2 मिलियन से अधिक नए रोजगार बनाए जाएंगे। जल्द आयोजित होने जा […]

मसाइल-ए-दीनीया

ज़कात हम मे से कौन और क्यूँ अदा करे ???

मुफ्ती मुजाहिद हुसैन रज़वी मिस्बाहीसदर मुफ्ती, दारूल उलूम ग़रीब नवाज़, प्रयागराज, यू. पी इस्लाम धर्म ने अपने उन अनुयाइयों पर ज़कात के रूप मेंप्रति वर्ष अपनी बचत के अढ़ाई पर्तिशत हिस्से का ग़रीबों को मालिक बना देना अनिवार्य कर दिया है जो आर्थिक रूप से अमीरी की एक निर्धारित रेखा पर पहुंच गये हों, और […]

कविता

सच का आईना दिखाती मुनव्वर राणा साहब की ग़ज़ल

अब फ़क़त शोर मचाने से नहीं कुछ होगा।सिर्फ होठों को हिलाने से नहीं कुछ होगा।। ज़िन्दगी के लिए बेमौत ही मरते क्यों हो।अहले इमां हो तो शैतान से डरते क्यों हो।। तुम भी महफूज़ कहाँ अपने ठिकाने पे हो।बादे अखलाक तुम्ही लोग निशाने पे हो।। सारे ग़म सारे गिले शिकवे भुला के उठो।दुश्मनी जो भी […]

जीवन चरित्र

गौस-ए-आज़म ने बचपन में रमज़ान में दूध नहीं पीया

ग़ौसे आ’ज़म की विलादत माहे रमज़ानुल मुबारक में हुई और पहले दिन ही रोज़ा रखा। सहरी से लेकर इफ्तारी तक आप अपनी वालिदए मोहतरमा का दूध न पीते थे,चुनान्चे शैख़ अब्दुल क़ादिर जिलानी की वालिदए माजिदा फरमाती है की जब मेरा फ़रज़न्द अर्जुमन्द पैदा हुआ तो रमज़ान शरीफ में दिन भर दूध न पीता था। […]

बरेली

दरगाह आला‌ हज़रत पर हुआ सामुहिक रोज़ा इफ्तार कार्यक्रम

दरगाह आला‌ हज़रत पर आज उर्स ए रेहानी के अवसर पर शाम को सामूहिक रोज़ा इफ्तार का एहतिमाम किया गया। जिसमें हज़ारों अकीदतमंदों व उलेमा के साथ दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां व हज़रत अहसन मियां ने एक ही दस्तरख़्वान पर इफ्तार किया। इस मौके पर शाहिद नूरी, हाजी जावेद खान, हाजी अब्बास नूरी,परवेज़ नूरी, […]

बिहार

बिहार: महंगाई की मार से पटना में साइकिल की बिक्री बढ़ी

बिहार: ईंधन के बढ़ते दामों की वजह से पटना में साइकिल की बिक्री बढ़ी। एक दुकानदार ने बताया, “जो छात्र स्कूटर-बाईक से कॉलेज जाते हैं और ईंधन का खर्च वहन नहीं कर सकते वह साइकिल खरीद रहे हैं। साइकिल की बिक्री में 15-20% की बढ़ोतरी हुई है। साइकिल के कच्चे माल के दाम 10-15% बढ़े […]

धार्मिक

शब-ए-क़द्र के फ़ज़ाइल व आ’माल

हुज़ूर सलल्ललाहु तआला अलैही वसल्लम की तमन्ना पर रब ने आपकी उम्मत को शबे क़द्र अता की जो 1000 महीनो की इबादत से अफज़ल है।📕 मुकाशिफातुल क़ुलूब,सफह 647 फुक़्हा:- जो शबे क़द्र मे इतनी देर इबादत के लिये खड़ा रहा जितनी देर मे चरवाहा अपनी बकरी दूह ले तो वह रब के नज़दीक साल भर […]

कविता

सदाए बदर

यौमे बदर (बदर का दिन) 17 रमज़ानुलमुबारक अहले हक़ के लिए उम्मीदों और हौसलों का अज़ीम निशां सितम हो लाख मगर खौ़फ़ ओ यास थोड़ी हैभरोसा रब पे है दुनिया से आस थोड़ी है हम अहले हक़ को है “ला तक़नतू” का परवानाकहीं शिकश्ता दिली आस पास थोड़ी है डरेंगे वो जो फ़क़त नाम के […]

कविता

नात-ए-पाक: भँवर में है फँसा मेरा सफीना पार हो जाए

काविश-ए-फिक्र: नासिर मनेरी मेरे सरकार मुझ पर भी करम इक बार हो जाएतड़पता हूँ पए दीदार अब दीदार हो जाए मिरे ऐ ना-खुदा कश्ती लगा दो पार अब मेरीभँवर में है फँसा मेरा सफीना पार हो जाए मुबारक अंदलीबो! तुम को तैबा के गुल-ओ-गुलशनमिरे हिस्से में बस तैबा का यारब ख़ार हो जाए सफर में […]