राजनीतिक

सीमा हैदर /ज्योति मौर्य का प्यार और दोहरे मापदंड !!

सीमा हैदर और ज्योति मौर्या:
इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक दो महिलाओं का प्यार का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों महिलाओं के देश और धर्म अलग-अलग हैं, लेकिन ‘प्यार का अंदाज’ लगभग एक जैसा है। दोनों महिलाएं शादीशुदा हैं बच्चे वाली हैं। उन्होंने अपने पहले पति के साथ दस साल से ज्यादा समय बिताया है। दस साल की शादीशुदा जिंदगी के बाद दोनों महिलाओं की नजरें गैर मर्दों से लड़ गईं। अब इसे इश्क कहें या कुछ और, लेकिन आजकल इन दोनों महिलाओं के चर्चे खबरों में, चैनल/अखबार और आम लोगों की जुबान पर हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस मुद्दे पर मीडिया और जनता की राय में पूर्वाग्रह (तास्सुब) साफ नजर आता है।

लेख

“बल्ली की होटल” में राहत साहब की दावत

पुराने इंदौर का एक अदबी किस्सा है।वफ़ा नाम की शायरा थी। मुशायरे में बहुत कम शिरकत करती थी लेकिन आकाशवाणी लखनऊ में इनकी आवाज अक्सर सुनाई देती। इनके कई शेर बहुत मकबूल हैं। मुलाहिजा फरमाए ” मैने ये सोच के बोये नहीं ख्वाबों के दरख़्त,कौन जंगल में लगे पेड़ को पानी देगा। “ एक मर्तबा […]

लेख

लोग नहीं बदलते लोगों के नज़रिए और चेहरे बदल जाते हैं

अगर यही सीमा हैदर सचिन के बजाय ठीक इसी तरह सुलेमान के पास भारत आती तो क्या होता ?
मीडिया पर आतंकी स्टोर की एक कवर स्टोरी चल रही होती…

धार्मिक

मस्जिद से सर बाहर निकाल कर जवाब दिया

हिकायत: बुजुर्गाने दीन मस्जिद में मुबाह ( या’नी जाइज़ ) दुनियावी बात चीत भी नहीं किया करते थे, हज़रते खुलफ़ बिन अय्यूब रहमतुल्लाह तआला अलैह एक मरतबा मस्जिद में मौजूद थे कि किसी ने उन से कोई बात पूछी तो पहले उन्हों ने अपना सर मस्जिद से बाहर निकाला फिर उस की बात का जवाब […]