मसाइल-ए-दीनीया

तरावीह का बयान (क़िस्त 5)

मसअलाहर दो रकअत के बाद दो रकअत पढ़ना मकरूह है यूंही दस रकअत के बाद बैठना भी मकरूह।📚दुर्रे मुख़्तार📚आलमगीरी मसअलातरावीह में जमाअत सुन्नते किफ़ाया है के अगर मस्जिद के सब लोग छोड़ देंगे तो सब गुनाहगार होंगे और अगर किसी एक ने घर में तन्हा पढ़ ली तो गुनाहगार नहीं मगर जो शख़्स मुक़तदा हो […]

धार्मिक

रोज़ा सिर्फ़ भूखा प्यासा रहने का नाम नहीं है

लेखक: मुफ्ती रौशन रज़ा मिस्बाही अज़हरी रमज़ान शरीफ का पवित्र महिना शुरु हो चुका है और दो साल बाद इस वर्ष मुस्लमान खुल कर मस्जिदों मे जा कर अल्लाह की इबादत कर रहे और तरावीह की नमाज़ पढ़ रहे हैं l रमज़ान शरीफ के महिने मे हर नेक काम का बदला बढ़ा कर दिया जाता […]

धार्मिक

क्या हर मुसलमान जन्नत में जाएगा?

आजकल मुस्लिमों की एक आम सोच ये बनी हुई है कि हर मुसलमान जन्नत में जाएगा, जन्नत तो उनके नाम पर रजिस्टर्ड है, उन्हें जन्नत में जाना ही जाना है। ये बात क़ुरआन और हदीस की रोशनी में कहां तक सही है, आज हम इस पर गौर ओ फ़िक्र करेंगे? मैं ज़्यादा तफसील में अपने […]

लेख

हिन्दू युवा वाहिनी की चंगुल से निकली मुस्लिम लड़की की आप बीती सुनकर आपके हो जायेंगे रोंगटे खड़े

उत्तर प्रदेश; मेरठ: 10 मार्च 2019 यह वह दिन था जब उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले की रहने वाली एक मुस्लिम लड़की भागती हुई और हांपती कांपती डर से थरथराती हुई थाने पहुंची जहाँ इत्तेफ़ाक़ से महमूद कुरैशी साहब अपना पद भार संभाल रहे थे। जैसे ही लड़की थाने के अंदर ऐसी स्तिथि में प्रवेश […]

खेल

क्रिकेट जगत के पांच हाफ़िज़-ए-कुर’आन; एक है भारतीय तो दूसरा पढ़ाता है तरावीह

आज हम क्रिकेट जगत की उन हस्तियों के बारे में बात करने जा रहे हैं। जो हाफिजे कुरआन भी हैं।दीने इस्लाम में कुरान ए पाक को बगैर देखे याद करने वाले को हाफिज ए कुरआन कहते हैं। तो आइए दोस्तों जानते हैं। इस कड़ी में सबसे पहला नाम आता है पाकिस्तान क्रिकेट टीम के शानदार […]

खेल

IPL में कैमरामैन पर बन रहे हैं मज़ेदार मीम्स, देखकर हंसी नहीं रोक पाएंगे आप

इंडियन प्रीमियर लीग गेंद और बल्ले के अलावा अपनी ग्लैमर के लिए भी जाना जाता है। अब इस लीग में खिलाड़ी के अलावा फैंस भी रातों रात फेमस हो रहे हैं, जिसमें पूरा योगदान मैच को कवर कर रहे कैमरामैन का रहता है।आईपीएल में कैमरामैन मैदान पर हो रहे खेल को रिकॉर्ड करने के अलावा […]

मसाइल-ए-दीनीया

तरावीह का बयान, क़िस्त 4

मसअला:तरावीह मर्द व औरत सब के लिए बिलइज्मा सुन्नते मुअक्किदह है इस का तर्क (छोड़ना) जाइज़ नहीं। (दुर्रे मुख़्तार, वगैरह) इस पर ख़ुलफ़ाए राशिदीन रज़ि अल्लाहु अन्हुम ने मदावमत फ़रमाई और नबी “ﷺ” का इरशाद है कि: मेरी सुन्नत और सुन्नते ख़ुलफ़ाए राशिदीन को अपने ऊपर लाज़िम समझो। और ख़ुद हुज़ूर “ﷺ” ने भी तरावीह […]

महाराजगंज

केवल खाने-पीने पर बंदिशों का नाम रोजा नहीं, बल्कि खुद को अनुशासन में रखने का रूहानी प्रशिक्षण भी है रोजा नूरुलहुदा मिस्बाही

गोरखपुर,( प्रेस विज्ञप्ति) रमजान में भलाई के चाहने वालों को भलाई के काम पे आगे बढ़ना चाहिए और बुराई के चाहने वालों को अपनी बुराई से रुक जाना चाहिए।हज़रत मुहम्मद ﷺ ने फरमाया: जब रमजान की पहली रात होती है तो शैतान और सरकश जिन जंजीरों में जकड़ दीए जाते हैं, जहन्नम के दरवाजे बंद […]

अंतरराष्ट्रीय मुंबई

हरमैन शरीफैन में तरावीह 20 रकअतों के बजाय 10 रकअत ही पढ़ी जा रही

हम अहले सुन्नत वल जमात को परवाह नहीं है कि सऊदी अरब की सरकार कितनी रकअत तरावीह पढ़ रही है। पहले 20 रकअत पढ़ी गईं। अब 10 रकअत पढ़ी जाने लगी हैं। सऊदी अरब में, नाच-गाना सिनेमा, कैसीनो और अय्याशीयों को इस तरह से अंजाम दिया जा रहा है कि इस्लामिक सल्तनत में सोचा ही […]

मसाइल-ए-दीनीया

रोज़ा के अहम और ज़रूरी मसाइल

मसअला: भूल कर खाने पीने या जिमआ करने से रोज़ा नहीं टूटेगा। (बहारे शरीअत,हिस्सा 5,सफह 112) मसअला: बिला कस्द हलक में मक्खी धुआं गर्दो गुबार कुछ भी गया रोज़ा नहीं टूटेगा। (बहारे शरीअत,हिस्सा 5,सफह 112) मसअला: बाल या दाढ़ी में तेल लगाने से या सुरमा लगाने से या खुशबू सूंघने से रोज़ा नहीं टूटता अगर […]