मसअलाहर दो रकअत के बाद दो रकअत पढ़ना मकरूह है यूंही दस रकअत के बाद बैठना भी मकरूह।📚दुर्रे मुख़्तार📚आलमगीरी मसअलातरावीह में जमाअत सुन्नते किफ़ाया है के अगर मस्जिद के सब लोग छोड़ देंगे तो सब गुनाहगार होंगे और अगर किसी एक ने घर में तन्हा पढ़ ली तो गुनाहगार नहीं मगर जो शख़्स मुक़तदा हो […]
Author: Hindi@Hamariaawaz
तरावीह का बयान, क़िस्त 4
मसअला:तरावीह मर्द व औरत सब के लिए बिलइज्मा सुन्नते मुअक्किदह है इस का तर्क (छोड़ना) जाइज़ नहीं। (दुर्रे मुख़्तार, वगैरह) इस पर ख़ुलफ़ाए राशिदीन रज़ि अल्लाहु अन्हुम ने मदावमत फ़रमाई और नबी “ﷺ” का इरशाद है कि: मेरी सुन्नत और सुन्नते ख़ुलफ़ाए राशिदीन को अपने ऊपर लाज़िम समझो। और ख़ुद हुज़ूर “ﷺ” ने भी तरावीह […]