सामाजिक

उस्ताद के अदब के फ़वाईद

हुसूले इल्म के बुन्यादी अरकान में से एक अहम रुक्न उस्ताद है , तहसीले इल्म में जिस तरह दर्सगाह व किताब की अहमियत है उसी तरह हुसूले इल्म में उस्ताद का अदब व एहतिराम मर्कज़ी हैसियत का हामिल है ।उस्ताद की ताज़ीम व एहतिराम शागिर्द पर लाज़िम है कि उस्ताद की ताज़ीम करना भी इल्म […]

मसाइल-ए-दीनीया

वह उज़र जिस की वजह से रोज़ह तोड़ देना जाइज़

सवाल:वह कौन कौन से उज़र-मज़बूरी है के जिसकी वजह से रोज़ह तोड़ देना जाइज़ है? ۞۞۞ जवाब ۞۞۞ حامدا و مصلیا و مسلما १. बीमार हो जाए के अगर रोज़ह न तोड़ेगा तो जान खतरे में हो जाएगी या बीमारी बढ़ जाएगी२.खाना पकाने की वजह से बे हद पियास लगी और इतनी बेताबी हो गयी […]

धार्मिक

बयान-ए-रमज़ान (क़िस्त 03)

मसाइले रोज़ा ۞भूल कर खाने पीने या भूल कर जिमआ करने से रोज़ा नहीं टूटेगा।📕 बहारे शरीअत,हिस्सा 5,सफह 112 ۞बिला कस्द हलक में मक्खी धुआं गर्दो गुबार कुछ भी गया रोज़ा नहीं टूटेगा।📕 बहारे शरीअत,हिस्सा 5,सफह 112 ۞ बाल या दाढ़ी में तेल लगाने से या सुरमा लगाने से या खुशबू सूंघने से रोज़ा नहीं […]

राजनीतिक सामाजिक

हिन्दू खतरे में या समाज खतरे में

लेखक: अजय असुरराष्ट्रीय जनवादी मोर्चा ये कहां आ गये हम? देश कहां जा रहा है? ये विडियो छत्तीसगढ़ का बताया गया है जहां हिन्दू संगठनो के कार्यकर्ता रैली के दौरान मस्जिद में घुसे और जय श्री राम के नारे लगाये व उत्पात मचाया। इस तरह की हरकतों से सिर्फ सांप्रदायिक दंगे होते हैं और इन […]

कविता

टूटी फूटी डेमोक्रेसी

जहाँ सिर्फ़ नामों के बूते परलोगों को घेरा जाता होधर्म के आधार परसबको बाँटा जाता होजगह जगह पर नफ़रत कीसभाओं को सजाया जाता होजहाँ मिट्टी को भी किसीमासूम के ख़ून से रंगा जाता होसंप्रदायिकता की आग मेंहिंसा भड़काई जाती होजहाँ अदालतों के फ़ैसले भीएक तरफ़ा मालूम होते होंक़ानून के रखवाले भी दंगाईयोंके साथ खड़े नज़र […]

मसाइल-ए-दीनीया

तरावीह का बयान (क़िस्त 6)

मसअलाये जाइज़ है कि एक शख़्स इशा व वित्र पढ़ाए दूसरा तरावीह, जैसा कि हज़रत उमर रज़िअल्लाहू तआला अन्ह इशा व वित्र की इमामत करते थे और उबई बिन कअब रज़िअल्लाहू तआला अन्ह तरावीह की।📚आलमगीरी मसअलाअगर सब लोगों ने इशा की जमाअत तर्क कर दी तो तरावीह भी जमाअत से ना पढ़ें हां इशा जमाअत […]

मसाइल-ए-दीनीया

रोज़े के मकरूहात

सवाल:रोज़े के मकरूहात क्या क्या है ? ۞۞۞ जवाब ۞۞۞ १. बिला उजर किसी चीज़ का चबाना।अलबत्ता किसी औरत का शोहर बद मिजाज़ हो, और खाना ख़राब होने पर उसके गुस्से होने का अंदेशा हो तो उसे नमक ज़बान की नोक पर रख कर चखने की इजाज़त है। इसी तरह अगर छोटे बच्चे को रोटी […]

धार्मिक

बयान-ए-रमज़ान (क़िस्त 02)

रोज़े के मसाइल में ग़लत फ़हमियां और उनकी इस्लाह रोज़े के बारे में लोगों में पाई जाने वाली 10- ग़लत बातें जिन की कोई हक़ीक़त नहीं। पूरा ज़रूर पढ़ें! No.1 ग़लत फ़ेहमी- कुछ लोग समझते हैं कि रोज़ा इफ़्तार की दुआ रोज़ा खोलने से पहले पढ़ना चाहिए और वह पहले दुआ पढ़ते हैं फिर रोज़ा […]

गोरखपुर

जंगल कौड़िया: गेहूं की तैयार फसल में लगी आग

गोरखपुर विकासखंड जंगल कौड़िया के ग्रामसभा करनजहवा मे गेहूं की तैयार फसल में लगी आग, भारी नुकसान होने की आशंका मौके पर अग्निशमन विभाग की गाड़ी मौजूद आग बुझाने पर कार्य चल रहा है।

धार्मिक

बयान-ए-रमज़ान (क़िस्त 01)

रमज़ान रम्ज़ से बना है जिसके मायने हैं जलाना चुंकि ये महीना भी मुसलमानों के गुनाहों को जला देता है इसलिये इसे रमज़ान कहा गया या रम्ज़ का एक मायने गर्म जमीन से पांव जलना भी है चुंकि माहे रमज़ान में मुसलमान अपने नफ़्स को भी जलाता है इसलिए ये नाम पड़ा या रमज़ान गर्म […]