धार्मिक

कुर्बानी की ईद

ईदुल अज़हा, ईमानदारी, सच्चाई और बलिदान की एक ऐसी अद्वितीय घटना है जिसका उदाहरण आज तक कोई कौम पेश नहीं कर सकी। इसलिए अल्लाह ने इस सर्वश्रेष्ठ और उच्चतम घटना को क़यामत तक के लिए जारी रख दिया ताकि ईदुल-अजहा की ऐतिहासिक हैसियत पर दृष्टि रखते हुए मोमिन बन्दे अपने अंदर भी वही जज़्बा पैदा […]

सामाजिक

वक्फ बोर्ड संपत्तियों का संकुचित उपयोग

भारतीय वक्फ प्रबंधन प्रणाली की रिर्पोट है, कि वर्तमान में इनके पास आठ लाख एकड़ से अधिक के कुल क्षेत्रफल को कवर करने वाली 8.54.509 संपत्तियाँ हैं। भारतीय सेना व रेलवे के बाद वक्फ बोर्ड देश का तीसरा सबसे बड़ा जमींदार है। शाब्दिक रूप से वक्फ किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी उद्देश्य के लिए किसी […]

आज के दिन

प्लासी की लड़ाई और भारत अंग्रेज़ों की हुकूमत की शुरुआत

18वीं सदी का का दौर था, जब हिन्दोस्तान की शानो-शौकत अपने ओरुज पर थी, बंगाल मुग़ल हुकूमत की एक अहम् रियासतों में से एक था, लेकिन मुगलों के कमजोर होते ही, तमाम हिंदुस्तानी रियासतें खुदमुख्तार होने लगीं। बंगाल भी उन्हीं में से एक था। नवाब सिराजुद्दौला के नाना नवाब अलीवर्दी खान ने बंगाल को एक […]

मसाइल-ए-दीनीया

गुस्ल करने का आसान तरीक़ा

गुस्ल करने का आसान तरीक़ा (१) गुस्ल परदे की जगह पर करें ताकि किसी की नज़र न पड़ सके। अगर ऐसी जगह मौजूद न हो तो तहबंद या कोई ऐसा कपड़ा पहने हुए गुस्ल करें जिस से नाफ़ से घुटने के नीचे तक ढका होना चाहिए। (औरतें ऐसी खुली जगह पर गुस्ल हरगिज़ न करें)। […]

धार्मिक

यह किले तो कुफ्र की मामूली हवा से रेत के ज़र्रों की तरह बिखर रहे हैं ???

दीन के किले बनाने के नाम पर मुसलमानों के साथ क्या धोखा हुआ है। लेख: मतीन खान आप खुद गौर कीजिए कि आखिर इन बच्चों को दीनी मदारिस में भेज कर क्या फायदा हुआ, अगर यही सब करना होता तो इन बच्चों के मां बाप कान्वेंट स्कूलों में भेजते। अकीदा ए इस्लामी की तरबियत के […]

गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

औरतों पर जुमा की नमाज फर्ज नहीं है: उलमा किराम

गोरखपुर। तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन नंबर पर गुरुवार को रोजा, नमाज, जकात, सदका-ए-फित्र व ईद की नमाज आदि के बारे में सवाल आते रहे। उलमा किराम ने शरीअत की रोशनी में जवाब दिया।

गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

औरतों पर ईद की नमाज वाजिब नहीं: उलमा किराम

गोरखपुर। तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमजान हेल्पलाइन नंबरों पर बुधवार को नमाज, जकात, सदका-ए-फित्र व ईद की नमाज आदि के बारे में सवाल आते रहे। उलमा किराम ने शरीअत की रोशनी में जवाब दिया।

कविता धार्मिक

रमज़ान जा रहा है

कविता: रमज़ान जा रहा हैकवि: नासिर मनेरीसंस्थापक व अध्यक्ष: मनेरी फाउंडेशन, इंडिया ग़मगीन सब को कर के मेहमान जा रहा है।कर के उदास माह-ए-गुफरान जा रहा है।। मस्जिद की रौनकें भी अब खत्म हो रही हैं।सदमा हज़ार देकर रमज़ान जा रहा है।। रोजा नमाज़, सहरी, इफ्तारी व तरावीह।हमराह-ए-हर सआदत मेहमान जा रहा है।। रहमत थी, […]

धार्मिक

आला हज़रत और 8 रबीउल अव्वल

जब आशिकाने मुस्तफा अपने नबी ﷺ की आमद की खुशियां मनाते हैं तो कुछ कालिमा पढ़ने वालों को ही बहुत तकलीफ होती है ओर उन की ये परेशानी ऐतेराज़ बन कर हमारे सामने आती है।रबीउल अव्वल की बारहवी तारीख को हुज़ूर -ए- अकरम ﷺ, की आमद का जश्न मनाया जाता है तो इस पर ये […]