धार्मिक

खौफ व खशियत ए खुदावंदी
यानी अल्लाह तआला का डर

लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी, गोरखपुर अल्लाह तआला ने फरमाया فاللہ احق ان تخشوہ، अल्लाह तआला ही इस शान के लायक़ है कि उसकी पकड़ से बहुत ज्यादा खौफ खाएं। कुछ मुफस्सेरीन ने इस कलाम में مرج البحرین یلتقیان के बारे में तफसीर करते हुए फरमाया कि इस जगह बहरैन से खौफ व रिजा के दो […]

धार्मिक

अल्लाह सब जगह है, चारो दिशा में है, फिर काबे की ओर ही सजदा क्यों|बाक़ी तीन दिशाओं में क्यों नहीं..?

बेशक अल्लाह हर दिशा में हर और पूरब पश्चिम सब अल्लाह ही का है तो तुम जिधर मुंह करो उधर वज्हुल्लाह (ख़ुदा की रहमत तुम्हारी तरफ़ मुतवज्जेह) है बेशक अल्लाह वुसअत (विस्तार) वाला इल्म वाला है. क़ुरान 2:115 लेकिन अल्लाह ने अपने बन्दों पर करम और आसानी करते हुए उनके लिए एक क़िबला (direction) मुकर्रर […]

धार्मिक

27 और 28 फरवरी (2020) मे खास…?

27 फरवरी 2021 : सहाबिए रसूल हज़रत सैयदना अब्बास इब्ने अब्दुल मुत्तलिब रज़ियल्लाहु अन्हु, विसाल: 14 रजब, मजार: मदीना मुनव्वरा 27 फरवरी 2021 : उम्मुल मोमिनीन हज़रत सैयदा जैनब बिन्त जहस रज़ियल्लाहु अन्हा, विसाल: 14 रजब, मजार: मदीना मुनव्वरा 27 फरवरी 2021: हज़रत सैयद सालार मसूद गाजी मियां रहमतुल्लाह अलैह, विसाल: 14 रजब, मजार: बहराइच […]

धार्मिक

मर्द और औरत की नमाज़ का फर्क (2)

लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी,चिश्तिया मस्जिद गोरखपुर औरत के लिए क्या हुक्म है। तकबीरे तहरीमा:- 1:- अपनी हथेलियां आस्तीन या चादर के अंदर छुपा कर रखे! 2:- अपने दोनों हाथ सिर्फ कंधो तक उठाए क्याम यानी खड़ा होना 1:- पिस्तान ( छाती) के निचे हाथ बांधे 2:- बांए हाथ की हथेली को पिस्तान ( छाती) के […]

धार्मिक

अल्लाह की मख़लूक़ात (रचनाएं/सजीव प्राणी)

जैसा कि पिछली पोस्टों में हमने देखा की अल्लाह ना सिर्फ मनुष्यों या इस समस्त ब्रह्मण का ईश्वर है। बल्कि वह तो तमाम कायनात (समस्त संसार और इसके अलावा जो कुछ भी है सभी) का ईश्वर और मालिक है। तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।_बड़ा कृपालु, अत्यन्त दयावान हैं […]

धार्मिक

मर्द और औरत की नमाज़ का फ़र्क (1)

लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी, चिश्तिया मस्जिद गोरखपुर जिस तरह बालिग मर्द पर नमाज फ़र्ज़ है इसी तरह बालिग औरत पर भी नमाज़ फ़र्ज़ है हैज़ (Menses)और नफास की हालत में औरतों को नमाज पढ़ना हराम है इन दिनों में औरतों को नमाज माफ है और इन दिनों की नमाज की कजा़ भी नहीं(बहारे शरीयत, ही, […]

धार्मिक सामाजिक

ज़्यादा तलाक़ें क्यों होती हैं। ??

लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी, गोरखपुर ज्यादा त़लाक़ की मसलें जाहिर हैं मगर जबकि गौर व फिक्र किया जाए! ज़बान दराज़ी वह आफत है जिसके सबब अच्छे भले खानदान तबाह व बर्बाद हो जाते हैं खासकर आज की नई नस्ल में बर्दाश्त की कमी की वजह से इसका ध्यान बहुत ज्यादा बढ़ता जा रहा है।यह एेसी […]

कहानी धार्मिक

हिकायत: हल्वा

लेखक: नौशाद अह़मद ज़ैब रज़वी, इलाहाबाद एक मुसलमान एक यहूदी और एक ईसाई तीनों साथ में कहीं सफर पर जा रहे थे चुंकि रमज़ान शरीफ का मौका था तो मुसलमान रोज़े से था,शाम होते होते ये लोग एक गांव में पहुंचे तो वहां के एक शख्स ने इन तीनो को मुसलमान समझा और इफ्तार के […]

धार्मिक

फरिश्तों का खौफ ए खुदा

लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी, गोरखपुर फरिश्ते अल्लाह ताला की खुफिया तदबीर उसकी पकड़ और उसकी कहर से किस कदर खौफ ज़दा रहते हैं इस सिलसिले में (4) हदीसें मुलाहिजा़ करें (1) हजरत ए जाबिर रजियल्लाहु अन्हो से रिवायत है कि हुजूर ए अकदस सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया मैं मेराज की रात फरिश्तों के […]

धार्मिक

किन औरतों से निकाह करना मना है!

📖मसअला:- माँ सगी हो या सौतेली बहन सगी हो या सौतेली बेटी पोती नवासी नानी दादी ख़्वाह कितनी पुश्तों का फ़ासिला हो इन सबसे निकाह हराम है। 📖मसअला:- फूफी/ फूफी की फूफी ख़ाला/ ख़ाला की ख़ाला भतीजी भान्जी और भान्जी की लड़की या उसकी पोती नवासी भी मुहरमात में दाख़िल हैं इन सबसे भी निकाह […]