धार्मिक

अल्लाह की मख़लूक़ात (रचनाएं/सजीव प्राणी)

जैसा कि पिछली पोस्टों में हमने देखा की अल्लाह ना सिर्फ मनुष्यों या इस समस्त ब्रह्मण का ईश्वर है। बल्कि वह तो तमाम कायनात (समस्त संसार और इसके अलावा जो कुछ भी है सभी) का ईश्वर और मालिक है।

तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।_
बड़ा कृपालु, अत्यन्त दयावान हैं । (क़ुरान 1:1-2)

अतः उस रचियता की तमाम कायनात में ना मालूम कीतनी ही रचनाएँ , (मख़लूक़ात) हैं जिनमे से कुछ का तो हमें ज्ञान है जैसे पृथ्वी ,सूर्य, प्रकाश, जीव जन्तु आदि ।और कई दूसरी जो हमारे ज्ञान से परे हैं ।

हम अगर सिर्फ इस संसार की सजीव ,सोच-समझ रखने वाली मख़लूक़ात की बात करें जिनमे self conciousnes मौजूद हैं ।

तो ऐसी 3 मख़लूक़ात हैं जिनका क़ुरान में अल्लाह ने ज़िक्र किया और हमे बताया है।

  1. फरिश्ते
  2. जिन्नात
  3. इंसान (मनुष्य)

फरिश्तों को अल्लाह ने नूर से बनाया, उनका गुण यह है कि उनको अल्लाह से जो आदेश प्राप्त होता है उसे वह पूरा कर देते हैं। उनके पास “free will” या “free choice” यानी कि चुनने और अपनी इच्छा अनुसार फैसला करने की छूट नही होती । उन्हें जो हुक्म होता है वही वो करते हैं बिना कुछ फेर बदल किये।

जैसा कि बताया
ऐ ईमान लानेवालो! अपने आपको और अपने घरवालों को उस आग से बचाओ जिसका ईधन मनुष्य और पत्थर होंगे उन पर वह तन्दख़ू सख्त मिजाज़ फ़रिश्ते (मुक़र्रर) हैं कि ख़ुदा जिस बात का हुक्म देता है उसकी नाफरमानी नहीं करते और जो हुक्म उन्हें मिलता है उसे बजा लाते हैं ।
(क़ुरान 66:6)

  1. इंसान और जिन्नात

यह अल्लाह की वह मख़लूक़ात हैं जिनको अल्लाह ने सही गलत चुनने और फैसला लेने की शक्ति दी है। यानी कि इनके पास अल्लाह का आदेश है ,अब चाहे तो यह उसके अनुसार करें और अल्लाह की रहमत और इनाम के हकदार बने। या चाहें तो नाफरमानी करें और उसकी सज़ा के हकदार बनें।

फरिश्तों और जिन्नों की रचना पहले हुई और इंसान उनके बाद अस्तित्व में आये। क़ुरान में बताया गया कि जिन्न जहाँ आग से बनाये गए हैं वहाँ इंसान को अल्लाह ने मिट्टी से बनाया है।

उसने मनुष्य को ठीकरी जैसी खनखनाती हुए मिट्टी से पैदा किया; और जिन्न को उसने आग की लपट से पैदा किया ।
फिर तुम दोनों (जिन व इंस) अपने रब की सामर्थ्यों में से किस-किस को झुठलाओगे?
(क़ुरान 55 :14-16)

शोऐब रज़ा

विश्व प्रसिद्ध वेब पोर्टल हमारी आवाज़ के संस्थापक और निदेशक श्री मौलाना मोहम्मद शोऐब रज़ा साहब हैं, जो गोरखपुर (यूपी) के सबसे पुराने शहर गोला बाजार से ताल्लुक रखते हैं। वे एक सफल वेब डिजाइनर भी हैं। हमारी आवाज़

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button