जीवन चरित्र धार्मिक

मेराज ए मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (1)

लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी, गोरखपुर मस्जिद ए हराम से मस्जिदे अक्सा तक सैर(सफर) को असरा और वहां से आगे ला मकां तक की सैर( सफर)को मेराज से ताबीर किया गया है कुरान मजीद में पहले हिस्सा का जिक्र सुरह बनी इसरायल में जबकि दूसरे हिस्से का जिक्र सुरह नज्म में है असरा का जिक्र इन […]

धार्मिक

नमाज़े चाश्त का तरीक़ा

नमाज़े चाश्त का वक़्तसूरज निकलने के 20 मिनट बाद से ले कर ज़हवये क़ुबरा यानी ज़वाल से पहले तक है, लेकिन ईद के दिन ईद की नमाज़ के बाद पढ़ना होता है नमाज़े चाश्त में काम से कम 2 रकअत और ज़्यादा से ज़्यादा 12 रकअत हैं और अफ़ज़ल 12 रकअत हैं, अब जो जितनी […]

धार्मिक सामाजिक

इसलाम में आत्महत्या

इसलाम में आत्महत्या करना बिल्कुल मना है और इसे बहुत बड़ा गुनाह (पाप) बताया गया है। फ़रमाया क़ुरान में:हे ईमान वालो! आपस में एक-दूसरे का धन अवैध रूप से न खाओ, परन्तु ये कि लेन-देन तुम्हारी आपस की स्वीकृति से (धर्म विधानुसार) हो और आत्म हत्या न करो, वास्तव में, अल्लाह तुम्हारे लिए अति दयावान् […]

धार्मिक सामाजिक

जवान लड़के लड़कियों की शादी में देर करना

लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी, गोरखपुर आजकल जवान लड़के लड़कियों को घर में बिठाये रखना और उनकी शादी में ताख़ीर करना आम हो गया है। इस्लामी नुक्तए नज़र से यह एक गलत बात है। हदीस पाक में है। रसूल ए अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते हैं। जिसकी लड़की 12 बरस की उम्र को पहुंचे जाए […]

धार्मिक

हराम तरीके से कमा कर राहे खुदा में ख़र्च करना गुनाह है।

यह बीमारी भी काफी आम हो गई है। लोग कमाते वक़्त यह नहीं सोचते कि यह हराम है या हलाल। झूठ ,फरेब,मक्कारी, धोकेबाजी, बेईमानी, रिश्वटखोरी सूद व व्याज और मजदूरों की मजदूरी रोक रोक कर कमाते हैं और माल जमा कर लेते हैं और फिर राहे खुदा में खर्च करने वाले सखी बनते हैं, खूब […]

धार्मिक सामाजिक

आइशा की ख़ुदकुशी क्या संदेश देती है?

लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी, गोरखपुर अहमदाबाद (गुजरात) की एक मुस्लिम लड़की आइशा की शादी जालोर (राजस्थान) के एक लड़के आरिफ़ से हुई। लड़की ने साबरमती नदी में कूदकर ख़ुदकुशी कर ली। साबरमती की लहरों में समा जाने से पहले उसने एक वीडियो बनाया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को […]

धार्मिक

निस्बत काम आयेगी

लेखक:अब्दे मुस्तफ़ा इल्म ज़रूरी है, अमल ज़रूरी है इनका किसी को इंकार नहीं।दीन के लिये आप का काम और क़ौम के लिये ख़िदमात भी क़ाबिले ज़िक्र हैं पर इन सब के बावजूद अल्लाह वालों से निस्बत एक अलग शय है। ये निस्बत ऐसी शय है कि ख़त्म नहीं होती, कोई खत्म कर दे तो भी […]

धार्मिक

कूंडे की नियाज़

माहे रज्जब में हजरत इमाम जाफर सादिक़ रदियल्लाहु अन्ह को ईसाले सवाब के लिए कूंडे भरे जाते हैं यह जाइज़ है।अक्सर लोग 22 रज्जब को कूंडे की नियाज़ करते हैं और कहते हैं कि उस दिन *इमाम जाफर सादिक़ रदियल्लाहो अन्ह का विसाल हुआ था। मगर यह गलत है। अस्ल यह है कि हज़रत का […]

धार्मिक सामाजिक

इस्लाम में ब्लड डोनेशन

इस्लाम में ब्लड डोनेशन जाइज़ है । बल्कि इसके ज़रिये अगर किसी की जान बचती है यह बोहत अज्र और सवाब (पुण्य) का काम भी है। जैसा फ़रमाया क़ुरान में :-” ..जिसने जीवित रखा एक प्राणी को, तो वास्तव में, उसने जीवित रखा सभी मनुष्यों को…”(क़ुरान 5:32) यानी कि इसलाम में किसी की जान बचाना […]

जीवन चरित्र धार्मिक

हज़रत सय्यदना इमाम जाफर सादिक़ रज़ियल्लाहु तआला अन्हु

लेखक:नौशाद अह़मद ज़ैब रज़वी, इलाहाबाद आपकी पैदाइश 7 रबीउल अव्वल 80 हिजरी में मदीना शरीफ में हुई आपका नाम जाफर और लक़ब सादिक़ है आपके वालिद का नाम हज़रत इमाम बाक़र रज़ियल्लाहु तआला अन्हु है जो कि हज़रत सय्यदना इमाम ज़ैनुल आबेदीन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के बेटे हैं और वालिदा का नाम उम्मे फरदह रज़ियल्लाहु […]