कुरआन (कंज़ुल ईमान): कुछ अस्ल नेकी ये नहीं कि (नमाज़ में ) मुंह मशरिक या मग़रिब की तरफ करो हाँ अस्ल नेकी ये है कि ईमान लाये अल्लाह और क़यामत और फरिश्तों और किताब और पैगम्बरों पर,और अल्लाह की मुहब्बत में अपना अज़ीज़ माल दें रिश्तेदारो और यतीमों और मिस्कीनों और राह गीर और साईलों […]
Author: Hindi@Hamariaawaz
हर बुर्दबार मर्द व औरत हैरत में मुब्तला है
हज़रते सय्यिदुना वासिला बिन अस्क़अ رَضِیَ اللّٰہُ تَعَالٰی عَنْہ से रिवायत है कि हुज़ूर नबिय्ये अकरम , शफ़ीए मुअज़्ज़म صَلَّی اللہُ تَعَالٰی عَلَیْہِ وَاٰلِہٖ وَسَلَّمَ ने हमें इरशाद फ़रमाया : तुम अपने मुर्दों के पास हाज़िर रहो और उन को لا إِلَهَ إِلَّا الله की तल्क़ीन किया करो और जन्नत की बिशारत दिया करो […]
कविता: जोंक
रोपनी जब करते हैं कर्षित किसान ;तब रक्त चूसते हैं जोंक!चूहे फसल नहीं चरतेफसल चरते हैंसाँड और नीलगाय…..चूहे तो बस संग्रह करते हैंगहरे गोदामीय बिल में!टिड्डे पत्तियों के साथपुरुषार्थ को चाट जाते हैंआपस में युद्ध करकाले कौए मक्का बाजरा बांट खाते हैं!प्यासी धूपपसीना पीती है खेत मेंजोंक की भाँति!अंत में अक्सर हीकर्ज के कच्चे खट्टे […]