कविता

नात: ढूंढते हैं लोग उन जैसा बशर बेकार है

ढूंढते हैं लोग उन जैसा बशर बेकार हैमुस्तफ़ा का मिस्ल कोई भी नहीं संसार में बे खुदी होती है कैसी हसरते दीदार मेंडस लिया एक मार ने, एक यार को, एक ग़ार में चौदहवीं के चांद में इतनी चमक है ही नहींनूर है जितना मेरे सरकार के रुखसार में दर बदर जन्नत की खातिर क्यों […]

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नात: जहां भी हो वहीं से दो सदा सरकार सुनते हैं

जहां भी हो वहीं से दो सदा सरकार सुनते हैंसरे आइना सुनते हैं पसे दीवार सुनते हैं मेरी हर सांस उनकी आहटों के साथ चलती हैमेरे दिल की धड़कनों की भी वह रफ़्तार सुनते हैं गुनाहगारों दरूदे वालिहाना भेज कर देखोवह अपने उम्मती का नग़म-ए-किरदार सुनते हैं मैं सदक़े जाऊं उनकी रहमतल्लिला़लमीनी केपुकारो चाहे जितनी […]

कविता

नात: ऐ मेरे यार तू क्या मुस्तफ़ा शनास नहीं

ज़की तारिक़ बाराबंकवीसआदतगंज, बाराबंकी,उत्तर प्रदेशफ़ोन:7007368108 ये तेरे लहजे में क्यूँ उनसुरे-सिपास नहींऐ मेरे यार तू क्या मुस्तफ़ा शनास नहीं मदीने जाने के असबाब सिर्फ़ बन जाएंनहीं है ग़म कोई दौलत जो अपने पास नहीं मुझे दिलाएँ गे फ़िरदौसे-नाज़ आक़ा मेरेमेरा यक़ीन है ये दोस्तो क़ियास नहीं ब फ़ैज़े-आक़ा ऐ महशर मुझे तेरा हाँ तेराकोई भी […]

कविता

नात: मेरे मुस्तफा पर जो दिल से फिदा है

मोहम्मद सद्दाम हुसैन अहमद कादरी बरकाती फैजीसदार शोबाऐ इफ्ता मीरानी दारुल इफ्ता खंभात शरीफ गुजरात इंडिया बड़ा उसका रुतबा खुदा ने किया हैमेरे मुस्तफा पर जो दिल से फिदा है कर्म उस पे होगा खुदा का यकीननजो पढता दरूदों को सुबहो मसा है अमल सुन्नते मुस्तफा पर करे जोउसे बख्श देगा खुदा ने कहा है […]

गोरखपुर

गोरखपुर: मकतब इस्लामिया के बच्चों ने नात, तकरीर व दुआ के जरिए पेश की प्रतिभा

गोरखपुर। अक्सा जामा मस्जिद शाहिदाबाद हुमायूंपुर उत्तरी में कायम मकतब इस्लामियात में पढ़ने वाले बच्चों के बीच रविवार को नात व तकरीर का मुकाबला हुआ। करीब पचास बच्चों ने मुकाबले में हिस्सा लिया। बच्चों ने पैगंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की शान में एक से बढ़कर एक नात शरीफ पेश की। तमाम विषयों पर […]