लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी रजबुल मुरज्जब उन चार मुक़द्दस महीनो में शामिल है जिनका ज़िक्र क़ुरान में मौजूद है यानि ज़िल क़ायदा,ज़िल हज्ज,मुहर्रम और रजब 📕 पारा 10,सूरह तौबा,आयत 36📕 खज़ाएनल इरफान,सफह 229 रजब तरज़ीब से मअखूज़ है जिसका माने हैं ताज़ीम करना अहले अरब इस महीने की खूब ताज़ीम करते थे और इसे अल्लाह […]
धार्मिक
दियोबन्दी काफिर कियों?
लेखक: खलील् अहमद फैज़ानी लप्रशन:दियोबन्दयो की तक़्फिर् कियों की जाती है ?इन की कुछ कुफ्रि बातें बताएं और उनका हुक्म ब्यान करेंउत्तर ::जो शख्स जरुरियात् ए दीन में से किसी एक का इनकार् करेगा या उस में अपनी मन मानी करेगा तो वो शख्स काफिर है,दुर्रे मुख्तार् ,ये एक महत्वपूर्ण पुस्तक है देयोबन्द् वाले भी […]
इमामों की तनख़्वाह बढ़वाने को लेकर बहरामपुर में हुई बैठक
गोरखपुर। गुलाम-ए-मुस्तफा तहरीक के बैनर तले शनिवार को मस्जिदों के इमामों की तनख़्वाह बढ़वाने को लेकर उलेमा व अवाम की बैठक फातिमा मंजिल बहरामपुर में हुई। तहरीक के अध्यक्ष शाकिर अली सलमानी ने मांग किया कि अवाम और मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली इमामों की तनख़्वाह बढ़ाएं। इमामों का चार से पांच हजार रुपये में गुजारा […]
कलामुद्दीन व सुल्तान साइकिल से तय करेंगे गोरखपुर से अजमेर तक का सफ़र
ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ से अकीदत, मोहब्बत का पैगाम करेंगे आम गोरखपुर। हज़रत ख़्वाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी हसन संजरी अलैहिर्रहमां (ख़्वाजा ग़रीब नवाज़) का उर्स-ए-पाक 19 फरवरी को है। आपके अकीदतमंद पूरी दुनिया में हैं। हर साल तमाम मजहब के लाखों अकीदतमंद अजमेर शरीफ स्थित ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की दरगाह पर पहुंचकर अकीदत का नज़राना पेश […]
इस्लामी साल का सातवां महीना है रजब, कई एक महत्तवपुर्ण तिथीयाँ हैं इस मे
माह-ए-रजब में फतह जंग-ए-खैबर, मुसलमानों के चौथे खलीफा अमीरुल मोमिनीन हज़रत सैयदना अली रज़ियल्लाहु अन्हु का यौमे पैदाइश मनाया जाता है| जब कि इसी माह की 27वी तारीख की रात को नबी ए करीम की मेअराज हुई इस के इलावा बहुत सारी हस्तियों का उर्स-ए-पाक मनाया जाता है… हज़रत ख़्वाजा उवैस करनी अलैहिर्रहमां हज़रत हसन […]
माह-ए-रजब में मिला नमाज़ का तोहफा, मनाया जाएगा हज़रत अली का जन्मदिवस व ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ का उर्स
गोरखपुर। इस्लामी साल का सातवां महीना रजब है। 14 फरवरी से माह-ए-रजब का आगाज होगा। माह-ए-रजब में मस्जिद, दरगाह व मुस्लिम मोहल्लों में उर्स व जलसों का आयोजन होगा। कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी की जाएगी। माह-ए-रज़ब में शहर की कई मस्जिदों में शब-ए-मेराज पर जलसा होगा। मुसलमानों के चौथे खलीफा अमीरुल मोमिनीन […]
