धार्मिक

औरतों के जदीद और अहम मसाइल (क़िस्त 1)

लेखक: अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरी, मुरादाबाद यूपी भारत

बाबुल हुलिया यानी ज़ेवर, गहने का बयान

  • सवाल—– क्या एक से ज्यादा नग वाली अंगूठी औरतों के लिए जाइज़ है जबके मर्दों के लिए ममनूअ् व नाजाइज़ है,
  • अल जवाब—– औरतों के लिए ऐसी अंगूठी पहनना जाइज़ है, अगरचे कई नग हों और उन्हीं के साथ मख़सूस है
    (रद्दुल मोहतार जिल्द 9 सफ़ह 521)
    (आलमगीरी जिल्द 5 सफ़ह 335)

और आला हज़रत अलैहिर्रहमतू वर्रिज़वान रक़म तराज़ हैं:
एक से ज़्यादा नग होना के यह सूरत औरतों के साथ मख़सूस है
(फ़तावा रज़वियह जिल्द 9. सफ़ह 14)
लिहाज़ा मालूम हुआ कि एक से ज़्यादा नग वाली अंगूठी औरतों के साथ मख़सूस और जाइज़ है मगर मर्दों के लिए ममनूअ् और ना जाइज़ है,

  • सवाल—– क्या सोने और चांदी के अलावा धात, मसलन लोहा, पीतल, तांबा, स्टील, गिलट, और अल्मुनियम की अंगूठी और ज़ेवर औरतों के लिए जाइज़ है,
  • जवाब—– औरतों को सोने और चांदी के जे़वरात के सिवा दूसरी तमाम धातों का ज़ेवर पहनना नाजाइज़ व हराम है, और मर्दों के लिए भी, मर्दों को सिर्फ 4.5 माशा से कम चांदी की एक अंगूठी जाइज़ है
    (रद्दुल मोहतार जिल्द 9 सफ़ह 518)

और हुज़ूर सदरुश्शरिअह अलैहिर्रहमा फ़रमाते हैं:
अंगूठी सिर्फ़ चांदी ही की पहनी जा सकती है, दूसरी धात की अंगूठी पहनना हराम है, मसलन लोहा पीतल, तांबा जस्त वग़ैरहा इन धातों की अंगूठियां मर्द व औरत दोनों के लिए नाजाइज़ हैं, फ़र्क़ इतना है कि औरत सोना भी पहन सकती है और मर्द नहीं पहन सकता
(बहारे शरीयत हिस्सा 3, सफ़ह 426)

ख़्वाह औरत हो या मर्द अगर इन धातों को पहनकर नमाज़ पढ़ेंगे तो नमाज़ भी मकरूहे तहरीमी होगी, जैसा के आला हज़रत अलैहिर्रहमतू वर्रिज़वान फ़रमाते हैं:
तांबा, पीतल, कांसा, लोहा तो औरत को भी ममनूअ् है, और उससे नमाज़ उनकी भी मकरूह है,
(फ़तावा रज़वियह जिल्द 9 सफ़ह 279) निस्फ़ आख़िर)
(औरतों के जदीद और अहम मसाइल सफ़ह 23–24)

शोऐब रज़ा

विश्व प्रसिद्ध वेब पोर्टल हमारी आवाज़ के संस्थापक और निदेशक श्री मौलाना मोहम्मद शोऐब रज़ा साहब हैं, जो गोरखपुर (यूपी) के सबसे पुराने शहर गोला बाजार से ताल्लुक रखते हैं। वे एक सफल वेब डिजाइनर भी हैं। हमारी आवाज़

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