कहानी धार्मिक

दीन बर्बाद करने वाला

एक मर्तबा हज़रते ईसा अलैहिस सलाम एक बस्ती के करीब से गुजरे, देखा के नहरें जारी हैं बस्ती बड़ी पुर रौनक है जन्नत का नमुनह है बस्ती वालों के पास तरह तरह के खाने हैं और उनके पास खूबसूरत और हसीन लड़के और लड़कियां हैं और उस बस्ती के रहने वाले बड़े इबादत गुज़ार भी […]

धार्मिक सामाजिक

पर्दा और बदनज़री

आज जहां मुआशरे में हज़ारहा बुराइयां फैली हुई है उनमें एक बहुत बड़ी बुराई ये भी है की मर्द का एक ना महरम औरत को देखना और एक औरत का ना महरम मर्द के लिए सजना सवरना और बे पर्दगी से घूमना,लोग इसे फैशन और मॉडर्न समाज का हिस्सा मानते हैं मगर अल्लाह के यहां […]

कहानी धार्मिक

इन्सान की एक हक़ीक़त

बनी इसराइल की एक औरत हज़रत मूसा अलैहिस सलाम की ख़िदमत में आई और अर्ज़ किया कि ऐ नबीयल्लाह मेने बहुत बड़ा गुनाह किया है और तौबा भी की हे अल्लाह तआला से दुआ मांगे की वो मुझे बख्श दे और मेरी तौबा क़ुबूल फ़रमा लेहज़रत मूसा अलैहिस सलाम ने फ़रमाया तूने कौनसा गुनाह किया […]

धार्मिक सामाजिक

मरीज़ की इयादत को जाना

सबसे पहले इयादत का माना समझ लें ताकि पोस्ट समझने में कोई दुशवारी न हो ”इयादत” के माने होते हैं कि बीमार की ख़बर पूछना यानि मरीज़ का ह़ाल ख़ैरियत पूछने जाना (फिरोज़ुल लुगत सफह 907) इस में कोई शक नहीं कि सेह़त और बीमारी ज़िन्दगी का एक ह़िस्सा हैं कभी इंसान भरपूर सेह़त से […]

धार्मिक

रजबुल मुरज्जब का चाँद और नफ्ल नमाज़ें

रसूले मकबूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं कि माहे रजब की बेशुमार फजीलत है और इस माहे मुबारक की इबादत बहुत अफ़ज़ल है। हुजूरे अकदस सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का इर्शादे गिरामी है कि जब माहे रजब का चाँद देखो तो पहले एक मर्तबा यह दुआ पढ़ो। अल्लाहुम्म बारिक लना फी रज – ब व शअबा […]

धार्मिक

रूह

नौशाद अह़मद ज़ैब रज़वी, इलाहाबाद रूह का सही इल्म तो अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त को ही है हां बाज़ किताबों में युं आता है कि रूह एक लतीफ़ जिस्म जो कि कसीफ़ जिस्मों के साथ मिली हुई है जैसे हरी लकड़ी में पानी (शराहुस सुदूर,सफह 133) रूह के पैदा होने की कई रिवायत हैं आलाहज़रत जिस्म […]

गोरखपुर धार्मिक

शब-ए-मेराज आज, होगी इबादत व तिलावत

गोरखपुर। इस्लाम धर्म के मुबारक महीनों में से एक रजब का महीना चल रहा है। इस महीने की 27वीं शब को ‘शब-ए-मेराज’ कहा जाता है। 11 मार्च की रात ‘शब-ए-मेराज’ की रात है। इस रात पैगंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की अल्लाह से मुलाकात हुई थी। अरबी में ‘शब’ का अर्थ रात है अर्थात […]

गलत फहमियो का निवारण

क्या किसी पेड़ या ताक़ पर वली और शहीद रहते हैं?

कुछ लोग कहते हैं कि फुलां ताक़ या दरख़्त (पेड़) पर शहीद या वली रहते हैं और उस दरख़्त या ताक़ के पास जा कर फ़ातिहा दिलाते हैं, हार, फूल, खुश्बू वगैरह डालते हैं, लोबान या अगरबत्ती सुलगाते हैं, और वहां मुरादें मांगते हैं, ये सब ख़िलाफ़े शरअ, जहालत और ग़लत बातें है, जो जहालत […]

धार्मिक सामाजिक

इस्लाम और महिलाओं के अधिकार

आधुनिक युग के लोग महिलाओं को सम्मान देने, उनको अधिकार देने की बात करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है महिलाओं के अधिकार पर सबसे ज़्यादा रोशनी इस्लाम धर्म ने डाली है। जी हाँ, वो ही इस्लाम धर्म जिसके बारे में झूठ फैलाया जाता है कि इस्लाम धर्म में औरतों के कोई अधिकार नहीं है। […]

धार्मिक

शबे जु़फाफ (सुहागरात) के आदाब‌

 जब दुल्हा, दुल्हन कमरे में जाए और तन्हाई हो तो बेहतर यह है कि सबसे पहले दोनो वुज़ू कर ले! और फिर जानमाज़ या कोई पाक़ कपड़ा बिछा कर दो (2) रकाअ़त नफ्ल, शुक्राना पढ़ें । अगर दुल्हन हैज़ (माहवारी) की हालत में हो तो नमाज़ न पढ़ें। लेकिन दुल्हा ज़रूर पढ़ें। [हदीस :-]…. हज़रत […]