कहानी धार्मिक

इन्सान की एक हक़ीक़त

बनी इसराइल की एक औरत हज़रत मूसा अलैहिस सलाम की ख़िदमत में आई और अर्ज़ किया कि ऐ नबीयल्लाह मेने बहुत बड़ा गुनाह किया है और तौबा भी की हे अल्लाह तआला से दुआ मांगे की वो मुझे बख्श दे और मेरी तौबा क़ुबूल फ़रमा ले
हज़रत मूसा अलैहिस सलाम ने फ़रमाया तूने कौनसा गुनाह किया है
वो कहने लगी मै ज़िना की मूर्तकिब हुई और इससे जो बच्चा पैदा हुआ मैंने उसको क़त्ल कर दिया ये सुन कर मूसा अलैहिस सलाम ने फ़रमाया
ऐ बदबख्त निकल जा कहीं तेरी नहुसत की वजह से आसमान से आग नाज़िल हो कर हमें जला न दे,
चुनान्चे वो शिकस्ता दिल हो कर वहाँ से चल पड़ी तब जिब्रईल अलैहिस सलाम नाज़िल हुए और कहा ऐ मूसा अलैहिस सलाम अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त फ़रमाता हे की तुमने गुनाहों से तौबा करने वाली को क्यों वापस कर दिया
क्या तुमने उससे ज़्यादा बुरा आदमी नहीं पाया
हज़रत मूसा अलैहिस सलाम ने पूछा ऐ जिब्रईल अलैहिस सलाम इस औरत से ज़्यादा बुरा कौन हे
जिब्रईल अलैहिस सलाम ने अर्ज़ किया कि इस से बुरा वो है जो जान बुझ कर नमाज़ छोड़ दे,
(मुका’श फतुल क़ुलूब)

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