गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

जहरीले जानवर के डंसने से रोज़ा नहीं टूटेगा : उलमा-ए-किराम

गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन नंबरों पर रविवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। सवाल : क्या बूढ़ा व्यक्ति रोजा रखने के बजाए उनका फिदया दे सकता है? (मोहम्मद शहाबुद्दीन, […]

मसाइल-ए-दीनीया

ज़कात की रक़म से मकान या दवाई देना ???

सवालज़कात की रक़म से मकान ता’मिर कर के गरीबों को देना हो या उस से दवाई दिलानी हो तो क्या सूरत है? ۞۞۞ जवाब ۞۞۞ ता’मिर करने वाले बिल्डर को ज़कात देने वाले का वकील बना दे के“हमारी तरफ से आप इन पैसो से मकान बना कर गरीबों को ज़कात में मकान दे दें”या मेडिकल […]

गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

बाप अपनी बेटी को जकात नहीं दे सकता है: उलमा-ए-किराम

गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन नंबरों पर शनिवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। सवाल : रोज़े की हालत में दांत उखड़वाना कैसा? (सना, लखनऊ)जवाब : रोज़े की हालत में […]

मसाइल-ए-दीनीया

वह उज़र जिस की वजह से रोज़ह तोड़ देना जाइज़

सवाल:वह कौन कौन से उज़र-मज़बूरी है के जिसकी वजह से रोज़ह तोड़ देना जाइज़ है? ۞۞۞ जवाब ۞۞۞ حامدا و مصلیا و مسلما १. बीमार हो जाए के अगर रोज़ह न तोड़ेगा तो जान खतरे में हो जाएगी या बीमारी बढ़ जाएगी२.खाना पकाने की वजह से बे हद पियास लगी और इतनी बेताबी हो गयी […]

गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

भूल कर कुछ खा लेने से रोज़ा नहीं टूटता: उलमा-ए-किराम

गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन नंबरों पर गुरुवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। सवाल : रोजे की हालत में टूथपेस्ट करना कैसा? (ताहिर रज़ा, तिवारीपुर) जवाब : रोजे की […]

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तरावीह का बयान (क़िस्त 6)

मसअलाये जाइज़ है कि एक शख़्स इशा व वित्र पढ़ाए दूसरा तरावीह, जैसा कि हज़रत उमर रज़िअल्लाहू तआला अन्ह इशा व वित्र की इमामत करते थे और उबई बिन कअब रज़िअल्लाहू तआला अन्ह तरावीह की।📚आलमगीरी मसअलाअगर सब लोगों ने इशा की जमाअत तर्क कर दी तो तरावीह भी जमाअत से ना पढ़ें हां इशा जमाअत […]

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रोज़े के मकरूहात

सवाल:रोज़े के मकरूहात क्या क्या है ? ۞۞۞ जवाब ۞۞۞ १. बिला उजर किसी चीज़ का चबाना।अलबत्ता किसी औरत का शोहर बद मिजाज़ हो, और खाना ख़राब होने पर उसके गुस्से होने का अंदेशा हो तो उसे नमक ज़बान की नोक पर रख कर चखने की इजाज़त है। इसी तरह अगर छोटे बच्चे को रोटी […]

मसाइल-ए-दीनीया

पाँच वुजुहात की बिना पर रोज़ा न रखने की इजाज़त

सवाल:शरीअत मे किन वुजूहात की वजह से रोज़ा न रखने की इजाज़त है ? जवाब: नीचे दी गई पांच वुजूहात की वजह से रोज़ा न रखने की इजाज़त है: (1) मर्ज़(बिमारी)जिसकी वजह से रोज़ा रखने की ताक़त न हो। या रोज़ा रखने से बिमारी बढ़ जाने का अंदेशा हो।(बिमारी खतम होने के बाद क़ज़ा करना […]

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तरावीह का बयान (क़िस्त 5)

मसअलाहर दो रकअत के बाद दो रकअत पढ़ना मकरूह है यूंही दस रकअत के बाद बैठना भी मकरूह।📚दुर्रे मुख़्तार📚आलमगीरी मसअलातरावीह में जमाअत सुन्नते किफ़ाया है के अगर मस्जिद के सब लोग छोड़ देंगे तो सब गुनाहगार होंगे और अगर किसी एक ने घर में तन्हा पढ़ ली तो गुनाहगार नहीं मगर जो शख़्स मुक़तदा हो […]

मसाइल-ए-दीनीया

तरावीह का बयान, क़िस्त 4

मसअला:तरावीह मर्द व औरत सब के लिए बिलइज्मा सुन्नते मुअक्किदह है इस का तर्क (छोड़ना) जाइज़ नहीं। (दुर्रे मुख़्तार, वगैरह) इस पर ख़ुलफ़ाए राशिदीन रज़ि अल्लाहु अन्हुम ने मदावमत फ़रमाई और नबी “ﷺ” का इरशाद है कि: मेरी सुन्नत और सुन्नते ख़ुलफ़ाए राशिदीन को अपने ऊपर लाज़िम समझो। और ख़ुद हुज़ूर “ﷺ” ने भी तरावीह […]