हुज़ूर सलल्ललाहु तआला अलैही वसल्लम की तमन्ना पर रब ने आपकी उम्मत को शबे क़द्र अता की जो 1000 महीनो की इबादत से अफज़ल है।📕 मुकाशिफातुल क़ुलूब,सफह 647 फुक़्हा:- जो शबे क़द्र मे इतनी देर इबादत के लिये खड़ा रहा जितनी देर मे चरवाहा अपनी बकरी दूह ले तो वह रब के नज़दीक साल भर […]
Author: Hindi@Hamariaawaz
रोज़ा का बयान (क़िस्त 6)
हदीस शरीफ़:हाकिम ने कअब इब्ने अजरह रज़िअल्लाहु तआला अन्ह से रिवायत की रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:सब लोग मिम्बर के पास हाज़िर हों हम हाज़िर हुए जब हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम मिम्बर के पहले दर्जा पर चढ़े कहा आमीन दूसरे पर चढ़े कहा आमीन तीसरे पर चढ़े कहा आमीन जब. मिम्बर से […]
सदक़ा-ए-फित्र
मसअला:सदक़ये फित्र मालिके निसाब मर्द वह औरत बालिग नाबालिग आक़िल पागल हर मुसलमान पर वाजिब है, 2 किलो 47 ग्राम गेंहू या उसकी क़ीमत अदा करें।📕अनवारूल ह़दीस सफह 257 हदीस:रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते हैं कि बन्दे का रोज़ा आसमानो ज़मीन के बीच रुका रहता है जब तक कि सदक़ये फित्र अदा […]
