गोरखपुर। मुफ्ती अख़्तर हुसैन मन्नानी (मुफ्ती-ए-गोरखपुर), मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी (नायब क़ाज़ी), मुफ्ती मेराज अहमद क़ादरी ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि सऊदी अरब में नाच-गाना सिनेमा, कैसीनो को इस तरह से अंज़ाम दिया जा रहा है कि इस्लामिक सल्तनत में सोचा ही नहीं जा सकता है। सऊदी अरब एक तथाकथित इस्लामिक सल्तनत बन […]
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जहरीले जानवर के डंसने से रोज़ा नहीं टूटेगा : उलमा-ए-किराम
गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन नंबरों पर रविवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। सवाल : क्या बूढ़ा व्यक्ति रोजा रखने के बजाए उनका फिदया दे सकता है? (मोहम्मद शहाबुद्दीन, […]
पॉकेटमनी के जरिए जरूरतमंद रोज़ेदारों की कर रहे मदद
गोरखपुर। मुकद्दस रमज़ान में लोग एक दूसरे की अपने स्तर से मदद कर रहे हैं। वहीं बच्चे भी जरूरतमंद रोज़ेदारों की मदद करने में पीछे नहीं हैं। बहादुर शाह ज़फ़र कॉलोनी बहरामपुर के गुलाम वारिस, अजीजुल ख़ान, अल्तमस, राजा, शब्लू, कैफ़, सेराज, आसिफ आदि अपनी पॉकेटमनी से जरूरतमंद रोज़ेदारों के यहां खजूर, चना बेसन, चीनी, […]
हर बुर्दबार मर्द व औरत हैरत में मुब्तला है
हज़रते सय्यिदुना वासिला बिन अस्क़अ رَضِیَ اللّٰہُ تَعَالٰی عَنْہ से रिवायत है कि हुज़ूर नबिय्ये अकरम , शफ़ीए मुअज़्ज़म صَلَّی اللہُ تَعَالٰی عَلَیْہِ وَاٰلِہٖ وَسَلَّمَ ने हमें इरशाद फ़रमाया : तुम अपने मुर्दों के पास हाज़िर रहो और उन को لا إِلَهَ إِلَّا الله की तल्क़ीन किया करो और जन्नत की बिशारत दिया करो […]
कविता: जोंक
रोपनी जब करते हैं कर्षित किसान ;तब रक्त चूसते हैं जोंक!चूहे फसल नहीं चरतेफसल चरते हैंसाँड और नीलगाय…..चूहे तो बस संग्रह करते हैंगहरे गोदामीय बिल में!टिड्डे पत्तियों के साथपुरुषार्थ को चाट जाते हैंआपस में युद्ध करकाले कौए मक्का बाजरा बांट खाते हैं!प्यासी धूपपसीना पीती है खेत मेंजोंक की भाँति!अंत में अक्सर हीकर्ज के कच्चे खट्टे […]