गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

सेहत को नुकसान पहुंचने का खतरा हो तो रोज़ा छोड़ सकती है गर्भवती औरत: उलमा-ए-किराम

गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन नंबरों पर सोमवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। सवाल : हामिला (गर्भवती) औरत के लिए रोज़े का क्या हुक्म है? (महरुन्निसा, इलाहीबाग) जवाब : […]

धार्मिक

इस्लाम के पांच प्रमुख स्तम्भों में से एक है रोज़ा

रमज़ान का पवित्र महीना चल रहा है. इस्लामी मान्यता के अनुसार यह महीना इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए अति महत्वपूर्ण है. हिजरी कैलेंडर के अनुसार रमज़ान साल का नौंवा महीना है जो बड़ी फजीलत वाला है. इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह की इबादत पूजा करते हैं, तीस दिनों का रोज़ा रखते […]

धार्मिक

रमज़ानुल मुबारक की बरकतें

रमज़ानुल मुबारक में नेकियों का सवाब बढ़ाकर 70 से 700 गुना तक कर दिया जाता है।📚 बहारे शरीयत,जिल्द 1,हिस्सा 5 जिसने किसी रोज़ादार को सिर्फ एक खजूर से ही अफ्तार करा दिया तो उसे उतना ही सवाब मिलेगा जितना रोज़ादार को मिला।📚 बहारे शरीयत,जिल्द 1,हिस्सा 5 जिसने मक्का शरीफ में रमज़ान पाया तो उसे एक […]

मसाइल-ए-दीनीया

मसाइल-ए-ज़कात (क़िस्त 01)

कुरआन (कंज़ुल ईमान): कुछ अस्ल नेकी ये नहीं कि (नमाज़ में ) मुंह मशरिक या मग़रिब की तरफ करो हाँ अस्ल नेकी ये है कि ईमान लाये अल्लाह और क़यामत और फरिश्तों और किताब और पैगम्बरों पर,और अल्लाह की मुहब्बत में अपना अज़ीज़ माल दें रिश्तेदारो और यतीमों और मिस्कीनों और राह गीर और साईलों […]

धार्मिक

रोज़ेदार को इफ्तार कराने की फ़ज़ीलत

रोज़ादार को इफ्तार कराना बहुत बड़ा सवाब है उस से उसके गुनाह माफ़ हो जाते हैं और दोज़ख से आज़ादी लिख दी जाती है हज़रत सलमान फारसी रज़ि अल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है कि हुजूरे अक्दस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने माहे रमज़ान के फ़ज़ाइल में फरमाया कि जो रमज़ान में रोज़ादार को इफ्तार […]

धार्मिक

बयान-ए-रमज़ान (क़िस्त 05)

मसाइले रोज़ा मसअला- दूसरे का थूक निगल गया या अपना ही थूक हाथ पर लेकर निगल गया रोज़ा जाता रहा यानि टूट जायेगा।📕बहारे शरीअत जिल्द,1 हिस्सा 5 मसअला- मुंह से खून निकला और हलक़ से उतरा तो अगर मज़ा महसूस हुआ तो रोज़ा टूट गया और अगर खून कम था या मज़ा महसूस ना हुआ […]

गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

जहरीले जानवर के डंसने से रोज़ा नहीं टूटेगा : उलमा-ए-किराम

गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन नंबरों पर रविवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। सवाल : क्या बूढ़ा व्यक्ति रोजा रखने के बजाए उनका फिदया दे सकता है? (मोहम्मद शहाबुद्दीन, […]

धार्मिक

हर बुर्दबार मर्द व औरत हैरत में मुब्तला है

हज़रते सय्यिदुना वासिला बिन अस्क़अ رَضِیَ اللّٰہُ تَعَالٰی عَنْہ से रिवायत है कि हुज़ूर नबिय्ये अकरम , शफ़ीए मुअज़्ज़म صَلَّی اللہُ تَعَالٰی عَلَیْہِ وَاٰلِہٖ وَسَلَّمَ ने हमें इरशाद फ़रमाया : तुम अपने मुर्दों के पास हाज़िर रहो और उन को ‏ لا إِلَهَ إِلَّا الله की तल्क़ीन किया करो और जन्नत की बिशारत दिया करो […]

मसाइल-ए-दीनीया

ज़कात की रक़म से मकान या दवाई देना ???

सवालज़कात की रक़म से मकान ता’मिर कर के गरीबों को देना हो या उस से दवाई दिलानी हो तो क्या सूरत है? ۞۞۞ जवाब ۞۞۞ ता’मिर करने वाले बिल्डर को ज़कात देने वाले का वकील बना दे के“हमारी तरफ से आप इन पैसो से मकान बना कर गरीबों को ज़कात में मकान दे दें”या मेडिकल […]

धार्मिक

बयान-ए-रमज़ान (क़िस्त 04)

मसाइले रोज़ा मसअला- शकर वगैरह एसी चीज़ें जो मुंह में रखने से घुल जाती है,मुंह में रखी और थूक निगल गया तो रोज़ा जाता रहा,यूंही दांतों के दरमियान कोई चीज़ चने के बराबर या ज़्यादा थी उसे खा गया या कम ही थी मगर मुंह से निकाल कर फिर खा ली या दांतों से खून […]