लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी, गोरखपुर सात चीज़ें नमाज़ में फ़र्ज़ हैं इनमें से एक भी छूट जाये तो नमाज़ होगी ही नहीं लिहाज़ा दोबारा पढ़ी जायेगी। तकबीरे तहरीमा (नीयत बाँधना) क़ियाम क़िरात रुकू सुजूद क़ादा-ए-आख़ीरा (आख़िरी रकअत में बैठना) ख़ुरूज बेसुनऐही (सलाम फेरना) तकबीरे तहरीमा:- नमाज़ शुरू करने के लिए जो तकबीर कहते हैं उसे […]
धार्मिक
अल्लाह व रसूल का फ़रमान और आज का मुसलमान (क़िस्त 5)
लेखक: अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरीमुरादाबाद यू पी, इंडिया हदीस शरीफ़सरकार ए कायनात हुज़ूर सल्लल्लाहू तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया:अल्लाह तआला ने फ़िरिश्ते को हुक्म दिया के फ़ुलां शहर को ज़ेर व ज़बर (उलट पलट) करदो फ़िरिश्ते ने अर्ज़ की के ऐ रब्बे कायनात फ़ुलां शख़्स जिसने कभी एक लम्हा के लिए भी गुनाह नहीं किया […]
