गलत फहमियो का निवारण सामाजिक

निकाह से पहले लड़की देखना कैसा है

अकसर लोगो मे शादी से पहले लड़की देखना बुरा समझा जाता हैं अलबत्ता उसकी फ़ोटो को देने मे कोई ऐतराज़ नही किया जाता, सवाल ये हैं के जिस फ़ोटो को लड़के को देखने के लिये दिया जाता हैं उस फ़ोटो के खीचने वाला मर्द क्या उस लड़की का महरम होता हैं, अकसरीयत ऐसी हैं जो […]

धार्मिक

जहन्नम से पनाह

ना समझोगे तो मिट जाओगे ऐ हिन्दी मुसलमानोंतुम्हारी दास्तां भी ना होगी उन दास्ता़नों में रिवायत – हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते हैं कि दोज़ख लज़्ज़तो में छिपा है और जन्नत परेशानियों में रिवायत – एक मर्तबा हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम से पूछा कि मैंने कभी हज़रत मीकाईल […]

धार्मिक सामाजिक

मेहमान नवाज़ी

मेहमान नवाज़ी हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है आप बग़ैर मेहमान के कभी खाना तनावुल नहीं फरमाते थे यहां तक कि अगर कभी कोई ना मिलता तो आप किसी की तलाश में एक दो मील तक सफर कर आते थे कि कोई मिल जाए जिसके साथ आप खाना खायें,मेहमान का आना रहमते खुदावन्दी का आना […]

धार्मिक

आयते करीमा

नौशाद अह़मद ज़ैब रज़वी, इलाहाबाद استغفر الله الذى لااله الا هو الحى القيوم واتوب اليه एक मर्तबा हज़रत इमाम हसन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के पास चन्द लोग अपनी परेशानी लेकर हाज़िर हुए उसमें से एक ने सूखे की शिकायत की आपने फरमाया कि अस्तग़फ़ार करो दूसरा बोला कि मैं गरीब हूं तो आपने फरमाया कि […]

धार्मिक

बातें दीन की

मर्द का कांधे तक बाल रखना सुन्नत से साबित है मगर इससे ज़्यादा बढ़ाना हराम है (अहकामे शरीयत,हिस्सा 1,सफह 127) खुत्बे की अज़ान के बाद खुत्बे से पहले या बाद में उर्दू में उसका तर्जुमा बयान करना खिलाफ़े सुन्नत है (रद्दे बिदआत व मुनकिरात,सफह 298) जिस निक़ाह में मीयाद तय हो मसलन कुछ दिन या […]

धार्मिक सामाजिक

शौहर के हुक़ूक़

बेहतरीन बीवी वह है: जो अपने शौहर की फरमा बरदारी और ख़िदमत गुज़ारी को अपना फर्जे मनसबी समझे! जो अपने शौहर के तमाम हुकूक अदा करने में कोताही न करे! जो अपने शौहर की खूबियों पर नज़र रखे और उसके ड्यूब और खामियों को नज़र अन्दाज़ करती रहे! जो अपने शोहर के सिवा किसी अजनबी […]

धार्मिक

क़ुरआन ए करीम की हिफ़ाज़त

اِنَّا نَحْنُ نَزَّلْنَا الذِّكْرَ وَ اِنَّا لَهٗ لَحٰفِظُوْنَ(۹)۔बेशक हम ने उतारा है ये क़ुरआन और बेशक हम ख़ुद इसके निगेहबान हैं। तफ़सीर ख़ज़ाइनुल इरफ़ान :- तहरीफ़ व तब्दील व ज़्यादती व कमी से उस की हिफ़ाज़त फ़रमाते हैं। तमाम जिन्न व इन्स और सारी ख़ल्क़ के मक़दुर में नहीं है कि उस में एक हर्फ़ […]

धार्मिक सामाजिक

क्या क़ुरान की 24 आयतें दूसरे धर्म वालो से झगड़ा करने एवं हिंसा के लिए प्रेरीत करती हैं ?

कुरआन के बारे में दुष्प्रचार फैलाने का यह तरीक़ा बहुत ही पुराना है कि कुरआन की जिन आयतों में जंग के मैदान में अत्याचारियों के प्रति युध्द का जिक़्र (उल्लेख) है उन आयतों को अलग-अलग सूरतों (अध्यायों / पाठों) में से और अलग-अलग जगह से सन्दर्भ के बाहर (Out of context) निकाल कर ऐसा दिखाने […]

गलत फहमियो का निवारण

क्या किसी औरत के ऊपर किसी बुजुर्ग या वली की सवारी आती है?

सवाल➺ अगर कोई औरत ये कहे की मेरे ऊपर किसी बुजुर्ग की सवारी आती है क्या कोई वली किसी औरत पर आ सकते है ? जवाब➺ ऐसी औरत मक्कार और झूठी है, वरना जाहिल तो जरूर है, किसी भी वली या इंसान की सवारी किसी दूसरे इंसान पर नहीं आती, हाँ, कुछ लोगो पर जिन्नात […]

धार्मिक सामाजिक

निकाह

निकाह करना सुन्नत है अल्लाह के रसूल ने फरमाया जो मेरे तरीके को महबूब रखे वो मेरी सुन्नत पर चले और मेरी सुन्नत निकाह है । निकाह नज़रों को बहकने से रोकता है और शर्मगाह की हिफाजत करने वाला है । पारसाई के इरादे से निकाह करने वाले की अल्लाह पाक मदद फरमाता है वक़्त […]