ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ से अकीदत, मोहब्बत का पैगाम करेंगे आम गोरखपुर। हज़रत ख़्वाज़ा मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी हसन संजरी अलैहिर्रहमां (ख़्वाजा ग़रीब नवाज़) का उर्स-ए-पाक 19 फरवरी को है। आपके अकीदतमंद पूरी दुनिया में हैं। हर साल तमाम मजहब के लाखों अकीदतमंद अजमेर शरीफ स्थित ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की दरगाह पर पहुंचकर अकीदत का नज़राना पेश […]
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इस्लामी साल का सातवां महीना है रजब, कई एक महत्तवपुर्ण तिथीयाँ हैं इस मे
माह-ए-रजब में फतह जंग-ए-खैबर, मुसलमानों के चौथे खलीफा अमीरुल मोमिनीन हज़रत सैयदना अली रज़ियल्लाहु अन्हु का यौमे पैदाइश मनाया जाता है| जब कि इसी माह की 27वी तारीख की रात को नबी ए करीम की मेअराज हुई इस के इलावा बहुत सारी हस्तियों का उर्स-ए-पाक मनाया जाता है… हज़रत ख़्वाजा उवैस करनी अलैहिर्रहमां हज़रत हसन […]
माह-ए-रजब में मिला नमाज़ का तोहफा, मनाया जाएगा हज़रत अली का जन्मदिवस व ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ का उर्स
गोरखपुर। इस्लामी साल का सातवां महीना रजब है। 14 फरवरी से माह-ए-रजब का आगाज होगा। माह-ए-रजब में मस्जिद, दरगाह व मुस्लिम मोहल्लों में उर्स व जलसों का आयोजन होगा। कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी की जाएगी। माह-ए-रज़ब में शहर की कई मस्जिदों में शब-ए-मेराज पर जलसा होगा। मुसलमानों के चौथे खलीफा अमीरुल मोमिनीन […]
हमारे नबी पूर्णतः रहमत ही रहमत
लेखक: जफर कबीर नगरीछिबरा, धर्मसिंहवा बाजार, संत कबीर नगर, उ.प्र. दुनिया के सर्वोच्च नेता, वैश्विक मार्गदर्शक और परमेश्वर के अंतिम संदेष्टा हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को अल्लाह तआला ने दुनिया के लिए रहमत (दया) के रूप में भेजा, उनकी दया का दायरा केवल मानवता तक सीमित नहीं , अपितु यह दया व्यापक और […]
ग़ुस्ल (स्नान) के मसाइल
लेखक:मह़मूद रज़ा क़ादरी, गोरखपुर बिना ग़ुस्ल यह काम नहीं कर सकते मस्जिद में जाना। तवाफ़ करना। क़ुरआन शरीफ़़ छूना चाहे उसका सादा हाशिया या जिल्द वग़ैरा ही हो। बिना छुए देख कर या ज़ुबानी क़ुरआन पाक पढ़ना। आयत का लिखना या आयत का तावीज़ लिखना या ऐसा तावीज़ छूना। ऐसी अँगूठी पहनना जिसमें हुरूफ़े मुक़त्तयात […]