सिलसिला-ए-नक्शबंद के बहुत बड़े दरवेश बुज़ुर्ग हुए हैं जो वक़्त के मुहद्दिस भी हैं आप 17 वी सदी ई० के बुजुर्ग हैं और आप हज़रत सैय्यद नूर मुहम्मद बदायूँनी रहमतुल्लाह अलैह के ख़लीफ़ा हैं आपके वालिद का नाम जान मुहम्मद था जो बादशाह औरंगजेब अलामगीर के मुशीर थे जब आपकी विलादत हुई तो आपका नाम […]
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इस्लाम अपने देश से प्रेम और वफादारी का पाठ पढ़ाता है
लेखः नईमुद्दीन फैजी बरकातीप्रिंसिपल: दारुल ऊलूम बरकाते गरीब नवाज कटनी एम.पी अपनी मातृभूमि से प्रेम, स्नेह और मुहब्बत एक ऐसी प्राकृतिक भावना है जो हर इंसान बल्कि हर ज़ीव में पाई जाती है। जिस धरती पर मनुष्य पैदा होता है, अपने जीवन के रात और दिन बिताता है, जहां उसके रिश्तेदार सम्बन्धी होते हैं,वह धरती […]