गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

रोजे़ की हालत में कोरोना वैक्सीन लगवाना जायज़ है : मुफ्ती अख्तर

गोरखपुर। उलेमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्प लाइन पर सवाल-जवाब का सिलसिला शुरु हो गया है। मंगलवार को उलेमा-ए-किराम ने अवाम के सवालों का जवाब क़ुरआन व हदीस की रोशनी में दिया। सवाल: रोजे की हालत में कोरोना वैक्सीन लगवाना कैसा?(अमन खान, बसंतपुर)जवाब: रोजे की हालत में कोरोना वैक्सीन लगवाना जायज है। इससे रोजे पर […]

धार्मिक

अग्नि परीक्षा और नरसिंहानन्द का डर

तथाकथित स्वामी को अपनी हार के लिये तैयार रहना चाहिए जैसे श्रद्धा नंद ने करारी हार का सामना किया था वैसे ही इस के साथ भी होने वाला है।इसने अपनी शर्मिंदगी बचाने के लिए जो चैलेंज स्वीकार किया है इसका अंदाजा तभी होगा जब बिना बाधा के अग्नि परीक्षा हो। लेकिन ये तथाकथित स्वामी अपने […]

धार्मिक सामाजिक

बतला दो गुस्ताख ए नबी को गैरते मुस्लिम ज़िंदा है।

नरसिंहानंद सरस्वती को फौरन गिरफ्तार करे सरकार! लेखक: रौशन रज़ा मिस्बाही अजहरी.धुरकी, गढ़वा, झारखंड हम जिस मज़हब के मानने वाले हैं जिस का मुख्य संदेश ये है की दुनियां में अमन, आश्ती, मुहब्बत की फिज़ा कायेम किया जाए। और इस्लाम के पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सलाल्लहू अलैहे वसल्लम की ये तालीम भी है की दुनियां […]

जीवन चरित्र धार्मिक

अल्लाह के वली: जिनका जनाज़ा 12 साल तक उनके मुरीद लेकर घूमते रहे

नाम :हज़रत कुतुब शाह गौरी रहमतुल्लाह अलैहेकर्नाटक का शहर कोलार हज़रत कुतुब शाह गौरी के वैसे तो लाखो मुरीद थे लेकिन उन मुरीदों में आपके 70 मुरीद ऐसे थे जो बहुत खास और साथ रहने वाले थे अापने अपने उन मुरीदों को बुलाया और वसीयत की के जब मेरा विसाल हो जाए तो मेरे जनाजे […]

धार्मिक सामाजिक

1अप्रैल: क्या कोई मुसलमान भी झूट बोल सकता है ?

मन्क़ूल है : मशहूर मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब आ़लमगीर के उस्तादे मोह़्तरम, ह़ज़रते अ़ल्लामा अह़मद जीवन رَحْمَۃُ اللّٰہ ِ عَلَیْہ तशरीफ़ फ़रमां थे कि एक शख़्स ने आ कर कहा : ह़ुज़ूर ! आप की ज़ौजए मोह़्तरमा बेवा हो गई हैं । येह सुन कर ह़ज़रते अ़ल्लामा अह़मद जीवन رَحْمَۃُ اللّٰہ ِ عَلَیْہ सख़्त परेशानी के आ़लम में कुछ सोचने लगे । […]

गोरखपुर धार्मिक

रमज़ान का आगाज़ अप्रैल से, पहला रोज़ा सबसे छोटा आख़िरी सबसे बड़ा

गोरखपुर। मुकद्दस रमजाऩ का आगाज़ अप्रैल माह से हो रहा है। चांद के दीदार के साथ 13 या 14 अप्रैल से मुकद्दस रमजाऩ शुरु हो जाएगा। पहला रोजा 14 घंटा 8 मिनट का होगा। जो मुकद्दस रमज़ान का सबसे छोटा रोजा होगा। वहीं अंतिम रोजा 14 घंटा 52 मिनट का होगा। जो सबसे मुकद्दस रमज़ान […]

धार्मिक सामाजिक

बीवी के हुक़ूक़

हज़रत अबू हुरैरह रदियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया “ईमान में कामिल तरीन वह शख्स है जो सब से ज़्यादा बा अखलाक हो और तुम में सब से ज़्यादा बेहतर वह है जो अपनी औरतों के लिए बेहतर हो! रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया औरत टेढ़ी पसली से पैदा […]

धार्मिक

क़ज़ाये उमरी नमाज़: मसाइल और तरीक़ा

क़ज़ाये उमरी की नमाज़ का मतलब होता है जो हमारी पहले की नमाज़ें छूटी हुई हैं उनको अदा करना, उसके लिए सबसे पहले कितनी नमाज़ें छूटी हुई हैं उनका हिसाब लगा लें और एक तरफ से पढ़ते जाएं क़ज़ा नमाज़ों को अदा करने के कुछ मसाइल सबसे पहले हिसाब लगा लें कि कितनी नमाज़ें क़ज़ा […]

धार्मिक

नज्र, मन्नत और मुराद का बयान

सवाल : – मन्नत मानना कैसा है ?जवाब : – जाइज़ है। सवाल : – और मन्नत का पूरा करना कैसा है ?जवाब : – ज़रूरी है। सवाल : – क्या हर मन्नत का पूरा करना ज़रूरी है।जवाब : – नहीं। बल्कि ऐसी मन्नत जो खिलाफे शरीअत न हो उसका पूरा करना ज़रूरी है। और […]

दिल्ली धार्मिक

वसीम रिज़वी की क़ुरान-ए-पाक से 26 आयतों को हटाने की मांग के ख़िलाफ़ पासबाने वतन फ़ाउंडेशन पहूँची सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: 16 मार्च// शीया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी की क़ुरान-ए-पाक से 26 आयतों को हटाने की मांग के ख़िलाफ़ पासबाने वतन फ़ाउंडेशन आफ़ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष  मौलाना मुहम्मद आज़म हशमती ने सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दाख़िल की है।और सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस मलऊन के अर्ज़ी को ख़ारिज किया जाये।मौलाना मुहम्मद आज़म हशमती ने कहा है कि क़ुरान-ए-पाक की तौहीन को किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।क्योंकि यह ऐसी किताब है जिसमें एक ज़ेर ज़बर की तबदीली नामुमकिन है।और पूरी दुनिया के मुस्लमान इस पर अक़ीदा रखते हैं।  उन्होंने कहा कि वसीम रिज़वी ऐसा शख़्स है जो बार-बार इस्लाम और मुस्लमानों पर हमला करता रहता है।लेकिन इस बार वो हद पार कर गया है। उसने एक तरफ़ जहां क़ुरआन को मआज़- अल्लाह दहश्तगर्दी का दरस देने वाला बताकर क़ुरआन मुक़द्दस में तहरीफ़ की अपील की है जहां उसने इस्लाम को ज़ोरज़बर्दस्ती की बुनियाद पर फैलने वाला मज़हब कहा वहीं उसने खल़िफ़ा-ए-राशिदीन की शान अक़्दस पर ज़बरदस्त हमला करके दो फ़िर्क़ों के दरमयान नफ़रत फैलाने की नापाक साज़िश की है मौलाना ने कहा कि ऐसे इन्सान को खुली हवा में सांस लेने का कोई हक़ नहीं है। वसीम रिज़वी को फ़ौरी तौर पर गिरफ़्तार किया जाये। ताकि मुल्क का अमन-ओ-शांति क़ायम रह सके।इस बद-बख़्त के बयान से आज पूरी उम्मत बेचैन है। और सख्त ग़म व ग़ुस्सा में है। इस लिए इस पर मुलक दुश्मन क़वानीन के तहत मुक़द्दमा दायर किया जाये। ताकि ये अपने नापाक मन्सूबों में कामयाब ना हो सके।  मौलाना मुहम्मद आज़म हशमती ने कहा कि क़ुरान-ए-पाक की आयात की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी ख़ुद अल्लाह ताला ने ली है।जिसका मुहाफ़िज़ ख़ुद ख़ुदा हो उसे कौन मिटा सकता है। क़ुरान-ए-पाक को मिटाने वाले ख़ुद मिट गए हैं। और क़ुरान-ए-पाक क़ियामत तक इसी तरह ज़मीन पर बाक़ी रहेगी। और लोग उस के अहकामात पर अमल करते रहेंगे।  मौलाना ने कहा कि जो भी इन्सान क़ुरान-ए-पाक के बारे में ऐसी सोच रखे वो मुस्लमान नहीं हो सकता है। और वसीम रिज़वी का एतराज़ पूरी तरह से बे-बुनियाद है। इस का कहना है कि क़ुरआन दहश्तगर्दी की तालीमात देता है। लेकिन क़ुरान-ए-पाक में कहीं पर भी इस तरह की तालीम नहीं है। बल्कि क़ुरआन इन्सानियत की दरस देता है। क़ुरआन ने कहीं पर भी हुक्म नहीं दिया है कि दुनिया में दहश्त फैलाई जाये।उन्होंने कहा कि वसीम रिज़वी ने क़ुरआन-ए-करीम की मुक़द्दस आयात पर उंगली उठाकर सिर्फ मुस्लमानों से नहीं बल्कि ख़ालिक़ दो-जहाँ से ऐलान जंग किया है।उन्होंने कहा कि मुस्लमान हर चीज़ बर्दाश्त करसकता है मगर अल्लाह,उस की किताब और उस  के रसूल के ख़िलाफ़ एक लफ़्ज़ बर्दाश्त नहीं कर सकता है।