बाराबंकी

110 की रफ्तार से दौड़ने लगी ट्रेनें, अभी और आएंगी तेजी

बाराबंकी!(अबू शहमा अंसारी) पूर्वोत्तर रेलवे अपनी ट्रेनों की गति बढ़ाने में लगा है और इस काम में लगातार सफलता भी मिल रही है। बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा मार्ग पर रेलगाड़ियों की स्पीड 110 किमी प्रतिघंटा हो गई है। ऐसे में रोजाना हजारों यात्रियों का समय ही नहीं बच रहा है मगर उन्हे समय पर ट्रेनें मिलने लगी है। इस रेल मार्ग पर अभी ट्रेनों की स्पीड और बढ़ाने की कवायद चल रही है।
रेलवे ने ट्रेनों की रफ्तार को लेकर पिछले कई सालों से ध्यान देना शुरु कर दिया था। पूर्वोत्तर रेलवे ने अपने सभी रेल मार्गों पर ट्रेनों की गति 110 किमी प्रतिघंटा करने जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने इसे लेकर निदेश भी जारी कर दिया है। इस नई व्यवस्था का लाभ पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य मार्ग बाराबंकी-छपरा को मिला है। इस रेल मार्ग पर ट्रेनें 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से फर्राटा भरने लगी हैं।
गति बढ़ने से जहां बाराबंकी से छपरा तक 425 किमी की दूरी जहां पहले करीब नौ घंटे से अधिक लगते थे वहीं अब यह दूरी पांच से छह घंटों मे आराम से तय होगी। इसी मार्ग को रेलवे 130 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से चलने लायक बना रहा है। पूूर्वात्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह पहले ही बता चुके हैं कि रेलवे ट्रेनों की गति बढ़ाने में लगा है। सभी रेल खंडों पर ट्रेनों की गति 110 किमी प्रतिघंटा की जाएगी।
दो साल में बढ़ गई अभूतपूर्व सुविधाएं
बाराबंकी से गोरखपुर व अन्य मार्गों पर दो साल में काफी सुविधाएं बढ़ी है। ट्रेन दुर्घटनाएं रोकने के लिए बाराबंकी से गोरखपुर के बीच में स्वचलित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली जिसे कवच का नाम दिया है लग रहा है। रेलवे ने इस काम के लिए 467 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस प्रणाली के तहत ट्रेनें एक दूूसरे के पीछे चल सकेंगी।
हादसे का संभावना पर ट्रेनों में ऑटोमेटिक ब्रेक लग जाएंगे। इसके अलावा बाराबंकी से अयोध्या के बीच का दोहरीकरण हो रहा है। अयोध्या तक इलेक्ट्रानिक ट्रेनों का संचालन भी बीते छह माह से होने लगा है। स्टेशन अधीक्षक पियूष वर्मा बताते है कि यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रेलवे द्वारा की गई कवायदों का लाभ लोगों को अब मिलने लगा है।

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