चुनावी हलचलबाराबंकी

सपा बेलहरा नगर अध्यक्ष सुनील सोनी समेत दर्जनों पद अधिकारियों ने छोड़ा सपा का साथ

अबू शहमा अंसारी
बेलहरा(बाराबंकी)समाजवादी पार्टी में एक के बाद एक पार्टी के बड़े वा पुराने नेता हो या कार्यकर्ता हो समाजवादी पार्टी छोड़ कर बीजेपी में शामिल हो रहे0 हैं। लगता है कि सपा के पुराने नेताओं का पार्टी के आला कमान के ऊपर से विश्वाश कम होता जा रहा है। आज बेलहरा सपा नगर अध्यक्ष सुनील सोनी वा समाजवादी पार्टी के दर्जनों पद अधिकारियों ने पद से इस्तीफा दे दिया। सुनील सोनी ने बेलहरा की जनता से कहा कि जीवन में कभी न कभी ऐसा वक्त आता है। जब यह स्वयं को एहसास होता है कि अभी तक मैं जिस रास्ते पर रहकर समाज और आपकी सेवा कर रहा था वो शायद आपकी अपेक्षाओं के अनुसार सही नहीं था फिर भी मैंने घुट-घुट कर और अपमान सहकर आपकी सेवा करने का प्रयास किया लेकिन अब हमने ये फैसला किया है कि अन्याय, भ्रष्टाचार भेदभाव एवं नगर पंचायत में व्यक्ति विशेष द्वारा किये जा रहे अदृश्य रूप से एक वर्ग विशेष का समर्थन एवं भू-माफिया गौरी के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ने का अब समय आ गया है हम आप सबसे इस लड़ाई में सहयोग एवं आशीर्वाद की ह्रदय से अपेक्षा करते हैं, क्योंकि इस व्यक्ति विशेष द्वारा किए गये एक कार्य से समाज का हर वर्ग व्यथित व परेशान है किन्तु इसकी दबंगई के कारण कोई भी उसके विरुद्ध आवाज उठाने से डरता है लेकिन उन सभी लोगों की आवाज बुलन्द करने का मैं आपको वचन देता हूँ मैं जीवन की अन्तिम साँस तक अन्याय, भ्रष्टाचार, भेदभाव एवं आपके हर सुख-दुख की लड़ाई लडूंगा, इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए में समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता व नगर पंचायत बेलहरा के नगर अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूँ एवं मेरे साथी सर्मथक भी अपने पद व पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। हम सभी साथी व सर्मथकों के साथ विचार-विमर्श करके आगे की रणनीति तय करेंगे और आपको पुनः विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि मेरा अगला कदम राष्ट्रहित, नगरहित व समाज के सभी वर्गों के हित में होगा। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आयाज़ खां के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा लगभग 5 वर्षों में शासन / सरकार द्वारा राज्य वित्त आयोग पन्द्रहवां वित्त आयोग से विकास कार्यों हेतु प्रदान की गई लगभग 30 करोड़ से अधिक की धनराशि का अपने निहित स्वार्थी हेतु गलत कार्यों में उपयोग कर खूब बन्दरबॉट की गई। 2. नगर पंचायत में मनमाने तरीके से अपने चहेते ठेकेदार/ फर्मों का पंजीकरण कर स्वयं ठेकेदारी से हिस्सेदारी करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। 3. स्वयं की हिस्सेदारी होने के कारण किये गये विकास कार्य मानक के अनुरूप नहीं है। 4. नगर पंचायत में संविदा / आउट सोर्सिंग द्वारा रखे गये कर्मचारियों में अपने विशेष कृपा पात्र का चयन कर एक विशेष वर्ग को लाभ पहुँचाने का कार्य किया और उन्हीं विशेष कृपा पात्रों से नगर पंचायत का कार्य न करवा कर अपने विशेष राजनीतिक व भ्रष्टाचार के कार्य को बढ़ावा दिया जैसे कि प्रधानमंत्री आवास में वसूली समय आने पर एफिडेविड के साथ वसूली और ये सभी भ्रष्टचार को साबित करूँगा।

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