हरदोई

बिजली तेरे नख़रे निराले— बिजली की बेरुखी से बेहाल हुआ बावन !

गेहूं की फसल बचाने के लिए की जा बिजली कटौती
सारे काम-धन्धे हुए चौपट, बेचैनी चौखट-चौखट

हरदोई। बिजली की बेरहम बेरुखी ने बावन कस्बे के अलावा उसके आस-पड़ोस के इलाकों को बेहाल कर रखा है। किसी अनहोनी को टालने के लिए लिया गया फैसला अब लोगों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। बिजली तेरे नख़रे निराले, कुछ इसी तरह बिजली की बेरुखी का सिलसिला जारी है। हालांकि रात के वक्त कुछ देर के लिए बिजली की दीदार हो भी जाता था, लेकिन इधर कुछ दिनों से वह सिलसिला भी टूट चुका है। इसी की वजह से सारे काम-धन्धे चौपट हो रहें हैं। वहां के लोगों के चेहरों की पड़ताल की जाए तो बेचैनी और बेहाली वहां चौखट-चौखट घूमती फिर रही है।
बावन कस्बे का पावर हाउस वहां के अलावा आस-पड़ोस के इलाकों को बिजली मयस्सर कराता है। जब से गेहूं की फसल खेतो में तैयार हुई,तब से बिजली की बेरुखी शुरू हो गई। कारपोरेशन के अफसरों की बात माने तो फसल को किसी अनहोनी से बचाने के लिए इस तरह बिजली की कटौती की जा रही है। दिन भर लापता रहते हुए रात को कुछ देर के उसका दीदार हो भी जाता था। लेकिन कुछ दिनों से वह सिलसिला भी टूट गया है। बिजली की इस बेरुखी से समूचा इलाका ‘ब्लैक आउट’ के दौर से गुज़र रहा है,ऐसा लगता है। एक तरफ सितम गिराती गर्मी और ऊपर से बिजली की बेवफ़ाई हर किसी को साल रही है। दूसरे यह कि बिजली के नदारत रहने से काम-धन्धे सबके सब चौपट हो रहें हैं। दिन में तपती धूप और रात गर्मी के गुर्राने से इलाके की बेचैनी और बेहाली चौखट-चौखट घूमती फिर रही है।

इबादत में पड़ रहा खलल

मज़हब कोई भी हो,हर मज़हब में इबादत को आला मुकाम दिया गया है। इबादत तो हर हाल में की जानी चाहिए, लेकिन रमज़ान में इसकी खास अहमियत है। बिजली की बेरुखी के चलते रमज़ान की इबादत में खासा खलल पड़ रहा है। दिन में रोज़ा और रात में तरावीह के वक्त बिजली की ज़रूरत महसूस होती है। जबकि बावन इलाके के बाशिंदे इससे कोसों दूर है।

क्या कहते है जिम्मेदार

बावन इलाके में बिजली की बेरुखी को लेकर जेई महेंद्र पालीवाल का कहना है कि दिन में फसल को नुकसान से बचाने के लिए बिजली नही दी जाती है। जबकि रात में इमरजेंसी रोस्टिंग की वजह से कटौती हो रही है। उनका कहना है कि बिजली की खपत ज़्यादा है, सप्लाई कम मिल रही है। इसीलिए ऐसी दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया है कि इससे सुधार की कोशिशें चल रही है।जल्द ही सब पहले जैसा हो जाएगा।

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