हदीस शरीफ़ हज़ूर सल्लल्लाहू तआला अलैही व सल्लम न इरशाद फ़रमाया:अफ़ज़ल क़ुर्बानी वो है जो बा एतबारे क़ीमत आला हो और खूब फ़रबा हो। (इमाम अहमद, बहारे शरीअत हिस्सा 15 सफ़ह 131) हदीस शरीफ़ इब्ने अब्बास रज़िअल्लाहू तआला अन्हुमा से रावीहुजूर ने रात में कुर्बानी करने से मना फ़रमाया। (तिब्रानी) हदीस शरीफ़ हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला […]
यह सिर्फ़ बदतमीज़ी नहीं, यह अल्लाह के घर में बग़ावत थी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ग़ौसे आज़म फाउंडेशन के चेयरमैन, सूफ़ी सैफुल्लाह क़ादरी ने कहा जिसने इमाम को धक्का दिया, वह समझ ले कि उसने आख़िरत बर्बाद कर ली उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा: ऐ इमाम को धक्का मारने वाले, सुन ले क़ानून […]
लेखक :मौलाना साबिर इसमाईलीअनुवादक :मुशताक अहमद बरकाती अनवारी सवाल है कि मुसलमानों में बुजदिली क्यों है?इसका जवाब अगर मुखतसर अल्फाज़ में दिया जाए तो यही है कि मुसलमानों के अंदर शौके शहादत और राहे खुदा में कुर्बान होने का जज्बा इस कदर खत्म हो चुका है , कि जिंदगी बचाने और ज्यादा जीने की तमन्ना […]