खलील अहमद फैज़ानी माल व मरतबा का हिर्स निहायत हीनुकसान दह है …इन दोनों की मोहब्बत दुनिया की मुहब्बत पैदा करती है और खालिक की इताअत से दूर करती है …हज़रत काअब बिन मालिक रदी अल्लहो ताआला अन्ह से रिवायत है रसुलुल्लाह सल्लाहो अलैहे वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया दो भुखे भेड़िए बकरियों के रेवड़ में […]
हदीस शरीफ़:हाकिम ने कअब इब्ने अजरह रज़िअल्लाहु तआला अन्ह से रिवायत की रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया:सब लोग मिम्बर के पास हाज़िर हों हम हाज़िर हुए जब हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम मिम्बर के पहले दर्जा पर चढ़े कहा आमीन दूसरे पर चढ़े कहा आमीन तीसरे पर चढ़े कहा आमीन जब. मिम्बर से […]
इसलाम में आत्महत्या करना बिल्कुल मना है और इसे बोहत बड़ा गुनाह (पाप) बताया गया है। फ़रमाया क़ुरान मेंहे ईमान वालो! आपस में एक-दूसरे का धन अवैध रूप से न खाओ, परन्तु ये कि लेन-देन तुम्हारी आपस की स्वीकृति से (धर्म विधानुसार) हो और आत्म हत्या न करो, वास्तव में, अल्लाह तुम्हारे लिए अति दयावान् […]