गोरखपुर। शबे बराअत के मौके पर मुसलमानों ने पूरी रात जिक्रे इलाही, इबादत, तिलावत, दुआ, जियारत व पूर्वजों को याद करने में गुज़ारी। गुनाहों से निज़ात की रात में मुसलमानों ने रो-रो कर अल्लाह से अपने व अपने पुरखों के गुनाहों की माफी मांगी। मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान में लोगों का तांता लगा रहा। घरों में लज़ीज़ पकवानों व हलुवा पर फातिहा पढ़ी गई। गरीबों, बेसहारा व यतीमों को खाना खिलाया गया। पुरुषों ने मस्जिदों में तो वहीं महिलाओं ने घरों में इबादत कर खुशहाली की दुआ मांगी। अलसुबह लोगों ने सहरी खा कर अगले दिन का रोजा रखा। रविवार सूरज डूबने के बाद चला यह सिलसिला सोमवार की सुबह तक चलता रहा। कसरत से दरूदो सलाम का नज़राना पेश किया गया।
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