गोरखपुर। शबे बराअत के मौके पर हज़रत ओवैस करनी अलैहिर्रहमां व अन्य बुजुर्गों की याद में खुसूसी फातिहा हुई। उन्हीं की याद में बने विभिन्न प्रकार के हलुवे जैसे सूजी, चने की दाल, गरी आदि पर फातिहा पढ़ी गई।रिश्तेदारों, पड़ोसियों व गरीबों में बांटा गया। इसके अलावा गरीबों में खाना भी बांटा गया। दरगाहों के बाहर फकीरों की लम्बी कतारें नज़र आई।
Related Articles
गोरखपुर: वसीम रिज़वी के खिलाफ मुस्लिम औरतों ने भरी हुंकार, दरगाह हज़रत मुबारक खां शहीद पर औरतों का जलसा
गोरखपुर। तहफ़्फ़ुजे नामूस-ए-क़ुरआन, दीन-ए-इस्लाम में औरतों के अधिकार, दहेज़, बच्चों की परवरिश और दीनी-दुनियावी तालीम, औरतों का पर्दा सहित तमाम समाजी व मजहबी मुद्दों को लेकर नार्मल स्थित दरगाह हज़रत मुबारक खां शहीद में रविवार को मुस्लिम औरतों का जलसा हुआ। वसीम रिज़वी के खिलाफ जमकर गुस्से का इजहार किया गया। गिरफ्तारी की भी मांग […]
हुसैनी जामा मस्जिद के मकतब में चार बच्चियों ने मुकम्मल किया क़ुरआन
गोरखपुर। हुसैनी जामा मस्जिद मस्जिद बड़गो के मकतब में पढ़ने वाली अलीशा खातून, खुशबू खातून, अफसाना खातून व रेहाना खातून ने नाज़रा (देखकर पढ़ना) क़ुरआन-ए-पाक मुकम्मल किया। मकतब में क़ुरआन ख़्वानी व फातिहा ख़्वानी हुई। बच्चियों को दुआओं से नवाज़ा गया। मकतब के शिक्षक मौलाना मोहम्मद उस्मान बरकाती ने कहा कि दीन का इल्म हासिल […]
महफिलों के जरिए बयां की जाएगी कर्बला की दास्तां
गोरखपुर। माह-ए-मुहर्रम के मौके पर मुस्लिम घरों व मस्जिदों में क़ुरआन ख़्वानी, फातिहा ख़्वानी व दुआ ख़्वानी होगी। प्रमुख मस्जिदों व घरों में होने वाली महफिलों के जरिए उलेमा-ए-किराम कर्बला की दास्तां बयां करेंगे। इस बार किसी तरह का जुलूस नहीं निकलेगा। कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र गाइडलाइन का पालन किया जायेगा। कई जगह लंगर-ए-हुसैनी बांटा […]
