धार्मिक सामाजिक

बीवी के हुक़ूक़

हज़रत अबू हुरैरह रदियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया “ईमान में कामिल तरीन वह शख्स है जो सब से ज़्यादा बा अखलाक हो और तुम में सब से ज़्यादा बेहतर वह है जो अपनी औरतों के लिए बेहतर हो! रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया औरत टेढ़ी पसली से पैदा […]

सामाजिक

शबे बराअत

नौशाद अह़मद ज़ैब रज़वी, इलाहाबाद हदीस: मौला अली रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से मरवी है कि हुज़ूर सल्लललाहु तआला अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते हैं कि “जब शाबान की 15वीं रात आये तो तुम लोग रात को इबादत करो और दिन को रोज़ा रखो,बेशक इस रात में खुदाये तआला आसमाने दुनिया पर तजल्ली फरमाता है और ऐलान […]

सामाजिक

लड़कियों के लिए रिप्ड जींस पहनना गलत है ।

साजीद महमूद शेख मीरा रोड जिला ठाणे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बयान से लोग नाराज हो रहे हैं । मगर उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है । मेरा भी यही मानना है कि लडकियों का रिप्ड जींस पहनना गलत है। यह शरीर को दर्शाता है। हम अपने शरीर को छिपाने के लिए […]

गलत फहमियो का निवारण सामाजिक

निकाह से पहले लड़की देखना कैसा है

अकसर लोगो मे शादी से पहले लड़की देखना बुरा समझा जाता हैं अलबत्ता उसकी फ़ोटो को देने मे कोई ऐतराज़ नही किया जाता, सवाल ये हैं के जिस फ़ोटो को लड़के को देखने के लिये दिया जाता हैं उस फ़ोटो के खीचने वाला मर्द क्या उस लड़की का महरम होता हैं, अकसरीयत ऐसी हैं जो […]

धार्मिक सामाजिक

मेहमान नवाज़ी

मेहमान नवाज़ी हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है आप बग़ैर मेहमान के कभी खाना तनावुल नहीं फरमाते थे यहां तक कि अगर कभी कोई ना मिलता तो आप किसी की तलाश में एक दो मील तक सफर कर आते थे कि कोई मिल जाए जिसके साथ आप खाना खायें,मेहमान का आना रहमते खुदावन्दी का आना […]

धार्मिक सामाजिक

शौहर के हुक़ूक़

बेहतरीन बीवी वह है: जो अपने शौहर की फरमा बरदारी और ख़िदमत गुज़ारी को अपना फर्जे मनसबी समझे! जो अपने शौहर के तमाम हुकूक अदा करने में कोताही न करे! जो अपने शौहर की खूबियों पर नज़र रखे और उसके ड्यूब और खामियों को नज़र अन्दाज़ करती रहे! जो अपने शोहर के सिवा किसी अजनबी […]

धार्मिक सामाजिक

क्या क़ुरान की 24 आयतें दूसरे धर्म वालो से झगड़ा करने एवं हिंसा के लिए प्रेरीत करती हैं ?

कुरआन के बारे में दुष्प्रचार फैलाने का यह तरीक़ा बहुत ही पुराना है कि कुरआन की जिन आयतों में जंग के मैदान में अत्याचारियों के प्रति युध्द का जिक़्र (उल्लेख) है उन आयतों को अलग-अलग सूरतों (अध्यायों / पाठों) में से और अलग-अलग जगह से सन्दर्भ के बाहर (Out of context) निकाल कर ऐसा दिखाने […]

धार्मिक सामाजिक

निकाह

निकाह करना सुन्नत है अल्लाह के रसूल ने फरमाया जो मेरे तरीके को महबूब रखे वो मेरी सुन्नत पर चले और मेरी सुन्नत निकाह है । निकाह नज़रों को बहकने से रोकता है और शर्मगाह की हिफाजत करने वाला है । पारसाई के इरादे से निकाह करने वाले की अल्लाह पाक मदद फरमाता है वक़्त […]

धार्मिक सामाजिक

पर्दा और बदनज़री

आज जहां मुआशरे में हज़ारहा बुराइयां फैली हुई है उनमें एक बहुत बड़ी बुराई ये भी है की मर्द का एक ना महरम औरत को देखना और एक औरत का ना महरम मर्द के लिए सजना सवरना और बे पर्दगी से घूमना,लोग इसे फैशन और मॉडर्न समाज का हिस्सा मानते हैं मगर अल्लाह के यहां […]

धार्मिक सामाजिक

मरीज़ की इयादत को जाना

सबसे पहले इयादत का माना समझ लें ताकि पोस्ट समझने में कोई दुशवारी न हो ”इयादत” के माने होते हैं कि बीमार की ख़बर पूछना यानि मरीज़ का ह़ाल ख़ैरियत पूछने जाना (फिरोज़ुल लुगत सफह 907) इस में कोई शक नहीं कि सेह़त और बीमारी ज़िन्दगी का एक ह़िस्सा हैं कभी इंसान भरपूर सेह़त से […]