धार्मिक

रोज़ा का बयान (क़िस्त 5)

हदीस शरीफ़:बैहक़ी अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस रज़िअल्लाहु तआला अन्हुमा से रावी के रसूलल्लाह सल्लल्लाहू तआला अलैही वसल्लम फरमाते हैं:रोज़ा दार की दुआ इफ़्तार के वक्त़ रद्द नहीं की जाती। हदीस शरीफ़:इमाम अहमद व तिरमिज़ी व इब्ने माजा व इब्ने ख़ुज़ैमा व इब्ने हब्बान अबू हुरैरह रज़िअल्लाहू तआला अन्ह से रिवायत करते हैं रसूलल्लाह सल्लल्लाहू […]

ऐतिहासिक धार्मिक

ज़कात न देने / सैयदना मूसा पर तोहमत लगाने पर क़ारून का ख़ौफ़नाक अंज़ाम

लेखक: जावेद शाह खजराना दुनिया में बड़े-बड़े ज़ालिम बादशाह गुज़रे है। किसी को अपनी ताक़त तो , किसी को अपने इल्म पर गुरुर था तो किसी को अपनी हुकूमत और तख्तों-ताज पर नाज़ । क़ारून उन ज़ालिम लोगों में शुमार था । जिसे अपनी दौलत पर बहुत ज्यादा घमंड था। 5000 साल पहले की बात […]

गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

खूनी बवासीर से रोज़े पर कोई असर नहीं पड़ता : उलमा-ए-किराम

गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर शुक्रवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]

मसाइल-ए-दीनीया

ए’तिकाफ़ का बयान

(कंज़ुल ईमान)और औरतों को हाथ ना लगाओ जब तुम मस्जिदों में एअतिकाफ से हो।📕 पारा 2,सूरह बक़र,आयत 187 हदीस:मोअतकिफ ना तो किसी मरीज़ की इयादत को जा सकता है ना जनाज़े में शामिल हो सकता है ना किसी औरत को छू सकता है और ना मस्जिद से बाहर निकल सकता है।📕 अबु दाऊद,जिल्द 2,सफह 492 […]

धार्मिक

रोज़ा का बयान (क़िस्त 4)

हदीस शरीफ़:इमाम अहमद और बहक़ी रिवायत करते हैं किहुज़ूर ने फ़रमाया:रोज़ा सिपर (ढाल) है और दोज़ख़ से हिफ़ाज़त का मज़बूत क़िला, इसी के क़रीब क़रीब जाबिर व उस्मान बिन अबिल आस व मआज़ बिन जबल रज़िअल्लाहू तआला अन्हुम से मरवी हदीस शरीफ़:अबुल यअला व बहक़ी सलमा बिन क़ैस और अहमद व बज़्ज़ार अबू हुरैरह रज़िअल्लाहू […]

गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

सदका-ए-फित्र एक आदमी की तरफ से साठ रुपए है : उलमा-ए-किराम

गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर गुरुवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]

मसाइल-ए-दीनीया

हराम माल की जकात नहीं

क्या फरमाते हैं उल्मा ए दीन इस मसअला में कि हराम तरीके से कमाए हुए माल की जकात अदा करनी होती है या हराम माल की जकात अदा नहीं की जा सकती ?प्रश्नकर्ता: समीर रज़ा, बड़ौदा गुजरात। ۞۞۞ अल-जवाब ۞۞۞ हराम तरीके से हासिल किया हुआ माल खबीस़ है और खबीस़ माल पर जकात नहीं […]

धार्मिक

क्या चाहते हैं आप लोग ?

सेहरी में 1 घंटे माइक पर नात तक़रीर बजाकर क्या साबित करना चाहते हैं, यही की हम बहुत बड़े बड़े वाले दीनदार हैं,क्या आप लोग चाहते हैं कि अज़ान भी माइक से बंद हो जाये?हालात के साथ जीना सीखो वरना यही हालात आपको किसी हालात के लायक नही छोड़ेंगे,सबके पास मोबाइल है, अलार्म है, घड़ी […]

धार्मिक

रोज़ा का बयान (क़िस्त 3)

हदीस शरीफ़:सहीहीन व सुनने तिर्मिज़ी व निसाई व सहीह इब्ने ख़ुज़ैमा में सहल बिन सअद रज़िअल्लाहू तआला अन्ह से मरवी है किरसूलल्लाह सल्लल्लाहू तआला अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं:जन्नत में आठ (8) दरवाज़े हैं उनमें एक दरवाज़ा का नाम रय्यान है इस दरवाज़ा से वोही जाएंगे जो रोज़े रखते हैं। हदीस शरीफ़:बुखारी व मुस्लिम में अबू […]

मसाइल-ए-दीनीया

ज़कात का बयान

सवाल:ज़कात फ़र्ज़ है या वाजिब,जवाब:- ज़कात फर्ज है । उसकी फर्जीयत का इन्कार करने वाला काफ़िर और न अदा करने वाला फ़ासिक और अदायगी मे देर करने वाला गुनाहगार मरदूदुश्शहादा हैं (गवाही देने के लायक नहीं है) सवाल:ज़कात फ़र्ज होने की शर्तें क्या हैं?जवाब:- चन्द शर्तें हैं, मुसलमान आकिल बालिग होना, माल बक़दरे निसाब का […]