हदीस शरीफ़:बैहक़ी अब्दुल्लाह बिन अम्र बिन आस रज़िअल्लाहु तआला अन्हुमा से रावी के रसूलल्लाह सल्लल्लाहू तआला अलैही वसल्लम फरमाते हैं:रोज़ा दार की दुआ इफ़्तार के वक्त़ रद्द नहीं की जाती। हदीस शरीफ़:इमाम अहमद व तिरमिज़ी व इब्ने माजा व इब्ने ख़ुज़ैमा व इब्ने हब्बान अबू हुरैरह रज़िअल्लाहू तआला अन्ह से रिवायत करते हैं रसूलल्लाह सल्लल्लाहू […]
धार्मिक
खूनी बवासीर से रोज़े पर कोई असर नहीं पड़ता : उलमा-ए-किराम
गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर शुक्रवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]
रोज़ा का बयान (क़िस्त 4)
हदीस शरीफ़:इमाम अहमद और बहक़ी रिवायत करते हैं किहुज़ूर ने फ़रमाया:रोज़ा सिपर (ढाल) है और दोज़ख़ से हिफ़ाज़त का मज़बूत क़िला, इसी के क़रीब क़रीब जाबिर व उस्मान बिन अबिल आस व मआज़ बिन जबल रज़िअल्लाहू तआला अन्हुम से मरवी हदीस शरीफ़:अबुल यअला व बहक़ी सलमा बिन क़ैस और अहमद व बज़्ज़ार अबू हुरैरह रज़िअल्लाहू […]
सदका-ए-फित्र एक आदमी की तरफ से साठ रुपए है : उलमा-ए-किराम
गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर गुरुवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]
रोज़ा का बयान (क़िस्त 3)
हदीस शरीफ़:सहीहीन व सुनने तिर्मिज़ी व निसाई व सहीह इब्ने ख़ुज़ैमा में सहल बिन सअद रज़िअल्लाहू तआला अन्ह से मरवी है किरसूलल्लाह सल्लल्लाहू तआला अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं:जन्नत में आठ (8) दरवाज़े हैं उनमें एक दरवाज़ा का नाम रय्यान है इस दरवाज़ा से वोही जाएंगे जो रोज़े रखते हैं। हदीस शरीफ़:बुखारी व मुस्लिम में अबू […]
ज़कात का बयान
सवाल:ज़कात फ़र्ज़ है या वाजिब,जवाब:- ज़कात फर्ज है । उसकी फर्जीयत का इन्कार करने वाला काफ़िर और न अदा करने वाला फ़ासिक और अदायगी मे देर करने वाला गुनाहगार मरदूदुश्शहादा हैं (गवाही देने के लायक नहीं है) सवाल:ज़कात फ़र्ज होने की शर्तें क्या हैं?जवाब:- चन्द शर्तें हैं, मुसलमान आकिल बालिग होना, माल बक़दरे निसाब का […]
