धार्मिक

इफ्तार करवाने का सवाब

लेखक: जावेद शाह खजराना हजरत सलमान फारसी रज़िअल्लाहु तआला ने कहा कि रसूल करीम ने फ़रमाया:रमज़ान में मोमिनों की रोजी बढ़ा दी जाती है।और जो शख्स हलाल रोजी में से रोजेदार को इफ़्तार कराएगा उसके गुनाहों की बख्शिश है और उसकी गर्दन जहन्नुम से आज़ाद कर दी जाएगी। इफ़्तार कराने वाले को भी वही सवाब […]

ऐतिहासिक दस्तावेज़ धार्मिक

कल्कि अवतार कौन ???

कल्कि और मुहम्मद (सल्ल.) की विशेषताओं का तुलनात्मक अध्ययन करके डा. उपाध्याय ने यह सिद्ध कर दिया है कि कल्कि का अवतार हो चुका है और वे हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) ही हैं। इस शोधपत्र की भूमिका में वे लिखते हैं: ‘‘वैज्ञानिक अणु विस्पफोटों से जो सत्यानाश संभव है, उसका निराकरण धार्मिक एकता सम्बंधी विचारों से […]

धार्मिक स्वास्थ्य

रोज़े के दौरान हमारे जिस्म का रद्देअमल क्या होता है? इस बारे में कुछ दिलचस्प मालूमात

पहले दो रोज़े: पहले ही दिन ब्लड शुगर लेवल गिरता है यानी ख़ून से चीनी के ख़तरनाक असरात का दर्जा कम हो जाता है।दिल की धड़कन सुस्त हो जाती है और ख़ून का दबाव कम हो जाता है। नसें जमाशुदा ग्लाइकोजन को आज़ाद कर देती हैं। जिसकी वजह से जिस्मानी कमज़ोरी का एहसास उजागर होने […]

धार्मिक

फज़ाइले कल्मा तय्यबह

लेखक: नौशाद अहमद ज़ैब रज़वी आलाहज़रत अज़ीमुल बरकत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते हैं कि 70000 कल्मा शरीफ पढ़कर अगर मुर्दे को बख्शा जाए तो दोनों के लिए ज़रियये निजात होगा,और पढ़ने वाले को दुगना सवाब और 2 को बख्शा तो तिगना युंही करोड़ो बल्कि कुल मोमेनीन मोमेनात को बख्शा तो उसी निस्बत से पढ़ने वाले […]

धार्मिक

तरावीह का बयान, क़िस्त:2

20, रकअत तरावीह पर जमहूर का क़ौल है और उसी पर अमल है इमाम तिर्मिज़ी रहमातुल्लाही तआला अलैह फ़रमाते हैं:कसीर उल्मा का इसी पर अमल है जो हज़रत मौला अली, हज़रत फ़ारूक़े आज़म और दीगर सहाबा रज़िअल्लाहू अन्हुम से 20. रकअत तरावीह मनक़ूल है।और सुफ़ियान सूरी, इब्ने मुबारक और इमाम शाफ़ई रहमातुल्लाहि तआला अलैहिम भी […]

धार्मिक

सूरह-ए-इख्लास के फ़ायदें

“3 बार पढ़ो 1 क़ुरआन पढ़ने का सवाब” लेखक: जावेद शाह खजराना दोस्तों क़ुरआन शरीफ़ 114 सूरतों से मिलकर बना है।इन 114 सूरतों में आप लोगों को बहुत-सी सूरतें मुंह जुबानी याद होगी। अक्सर हमें मालूम ही नहीं पड़ता कि क़ुरआन शरीफ़ की तक़रीबन 15 से 25 छोटी सूरतें हमें याद है। इसके अलावा बहुत-से […]

धार्मिक

तरावीह का बयान (क़िस्त 01)

20, रकअत पर सहाबा का इजमा है हदीस शरीफ़,हजरत अबू हुरैरह रज़िअल्लाहू तआला अन्ह ने कहा के रसूले करीम अलैहिस्सलातू व तस्लीम ने फरमाया केजो शख़्स सिदक़े दिल और एतेक़ादे सही के साथ रमज़ान में क़याम करे यानी तरावीह पढ़े तो उसके अगले गुनाह बख्श दिए जाते हैं (मुस्लिम शरीफ़, जिल्द 1, सफ़ह 259, मिश्कात […]

धार्मिक

रमज़ान में रहमतों के दरवाजे खोल दिए जाते हैं

नेकियाँ बटोरने का महीना रमज़ानुल मुबारक़ लेखक: जावेद शाह खजराना दोस्तों आप और हम नसीब वाले है कि अल्लाह तआला ने हमें रमज़ानुल मुबारक़ का महीना फिर नसीब फ़रमाया। हमें और आपको इबादत करके नेकियाँ बटोरने का फिर मौका एक बार और दिया है । लिहाजा जी भरके नेकियाँ बटोरे और जन्नत का टिकिट कंफर्म […]

धार्मिक

रमज़ान के फज़ाइल व मसाइल (4)

हदीस: नसई व इब्ने खुजैमा व हाकिम अबू उमामा रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से रावी अर्ज की या रसूलुल्लाह मुझे किसी अमल का हुक्म फरमाये ! इरशाद फ़रमाया: रोजे को लाजिम लो कि इसके बराबर कोई अमल नही ! उन्होंने फिर वही अर्ज की ! वही जवाब इरशाद हुआ ! हदीस: बुखारी व मुस्लिम व तिर्मिज़ी […]

धार्मिक

रमज़ान के फज़ाइल व मसाइल (3)

हदीस: इमाम अहमद और बैहकी रिवायत करते हैं कि हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया रोज़ा सिपर(ढाल) है और दोज़ख़ से हिफाज़त का किला इसी के करीब-करीब जाबिर व उस्मान इब्ने अबिलआस व माज़ इन जबल रज़ियल्लाहु तआला से मरवी है ! हदीस: अबू यअला व बैहकी सलमा इबने कैस और अहमद बज्जार अबू हुरेरह […]