गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

इंसुलिन लेने से रोज़ा नहीं टूटेगा: मुफ्ती अख्तर

गोरखपुर। रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर सवालो-जवाब का सिलसिला शुरु हो गया है। सोमवार को लोगों ने उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमजान हेल्पलाइन नंबरों पर सवाल कर जवाब हासिल किए। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल पूछे। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रौशनी में जवाब दिया। सवाल : बगैर किसी […]

मसाइल-ए-दीनीया

तरावीह में रुकूअ का इन्तिज़ार

तरावीह में जब हाफिज नियत बांधकर किरात करते है तो अक्सर नमाज़ी पीछे यही बैठे रहते है, या टहलते रहते है, और जैसे ही हाफिज रुकू में जाता हे लोग जल्दी जल्दी नियत बांधकर नमाज़ में शामिल हो जाते है इनका ये काम कैसा है? ۞۞۞ जवाब ۞۞۞ حامدا و مصلیا و مسلما तरावीह में […]

राजनीतिक

एक मूवी के नाम पर देश में नफरत फैलाई जा रही है

लेखक: बासित जमादार हिन्दू मुस्लिम एक ऐसा शब्द है जिसे हम, जिस नज़रिये से देखेंगे वैसे ही लगेगा वो आप पर निर्भर करता है की आप इसे घृणा या प्यार के नजर से देखते है और हाँ इतना याद रखिये जहाँ ज्यादा प्यार होता है वही तकरार होती है ऐसा नहीं है की हिन्दू मुस्लिम […]

धार्मिक

इफ्तार करवाने का सवाब

लेखक: जावेद शाह खजराना हजरत सलमान फारसी रज़िअल्लाहु तआला ने कहा कि रसूल करीम ने फ़रमाया:रमज़ान में मोमिनों की रोजी बढ़ा दी जाती है।और जो शख्स हलाल रोजी में से रोजेदार को इफ़्तार कराएगा उसके गुनाहों की बख्शिश है और उसकी गर्दन जहन्नुम से आज़ाद कर दी जाएगी। इफ़्तार कराने वाले को भी वही सवाब […]

ऐतिहासिक दस्तावेज़ धार्मिक

कल्कि अवतार कौन ???

कल्कि और मुहम्मद (सल्ल.) की विशेषताओं का तुलनात्मक अध्ययन करके डा. उपाध्याय ने यह सिद्ध कर दिया है कि कल्कि का अवतार हो चुका है और वे हज़रत मुहम्मद (सल्ल.) ही हैं। इस शोधपत्र की भूमिका में वे लिखते हैं: ‘‘वैज्ञानिक अणु विस्पफोटों से जो सत्यानाश संभव है, उसका निराकरण धार्मिक एकता सम्बंधी विचारों से […]

धार्मिक स्वास्थ्य

रोज़े के दौरान हमारे जिस्म का रद्देअमल क्या होता है? इस बारे में कुछ दिलचस्प मालूमात

पहले दो रोज़े: पहले ही दिन ब्लड शुगर लेवल गिरता है यानी ख़ून से चीनी के ख़तरनाक असरात का दर्जा कम हो जाता है।दिल की धड़कन सुस्त हो जाती है और ख़ून का दबाव कम हो जाता है। नसें जमाशुदा ग्लाइकोजन को आज़ाद कर देती हैं। जिसकी वजह से जिस्मानी कमज़ोरी का एहसास उजागर होने […]

धार्मिक

फज़ाइले कल्मा तय्यबह

लेखक: नौशाद अहमद ज़ैब रज़वी आलाहज़रत अज़ीमुल बरकत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु फरमाते हैं कि 70000 कल्मा शरीफ पढ़कर अगर मुर्दे को बख्शा जाए तो दोनों के लिए ज़रियये निजात होगा,और पढ़ने वाले को दुगना सवाब और 2 को बख्शा तो तिगना युंही करोड़ो बल्कि कुल मोमेनीन मोमेनात को बख्शा तो उसी निस्बत से पढ़ने वाले […]

जीवन चरित्र

दुनिया के सबसे पहले इंसान और नबी आदम अलैहिस्सलाम की वफ़ात कैसे हुई और आपकी कब्र-ए-मुबारक़ का किस्सा

लेखक: जावेद शाह खजराना दोस्तों हज़रत आदम अलैहिस्सलाम में एक ख़ास बात है। वो यह है कि आपको दुनिया के सबसे पुराने और दिग्गज़ मज़हबी लोग जैसे यहूदी , ईसाई और मुसलमान सभी एक आवाज़ में बिला-शुबहा अपना सबसे पहला नबी मानते है। तीनों मजहब की मुक़द्दस किताबें तौरेत , बाईबल और कुरआन शरीफ़ में […]

धार्मिक

तरावीह का बयान, क़िस्त:2

20, रकअत तरावीह पर जमहूर का क़ौल है और उसी पर अमल है इमाम तिर्मिज़ी रहमातुल्लाही तआला अलैह फ़रमाते हैं:कसीर उल्मा का इसी पर अमल है जो हज़रत मौला अली, हज़रत फ़ारूक़े आज़म और दीगर सहाबा रज़िअल्लाहू अन्हुम से 20. रकअत तरावीह मनक़ूल है।और सुफ़ियान सूरी, इब्ने मुबारक और इमाम शाफ़ई रहमातुल्लाहि तआला अलैहिम भी […]

धार्मिक

सूरह-ए-इख्लास के फ़ायदें

“3 बार पढ़ो 1 क़ुरआन पढ़ने का सवाब” लेखक: जावेद शाह खजराना दोस्तों क़ुरआन शरीफ़ 114 सूरतों से मिलकर बना है।इन 114 सूरतों में आप लोगों को बहुत-सी सूरतें मुंह जुबानी याद होगी। अक्सर हमें मालूम ही नहीं पड़ता कि क़ुरआन शरीफ़ की तक़रीबन 15 से 25 छोटी सूरतें हमें याद है। इसके अलावा बहुत-से […]