मसाइल-ए-दीनीया

हराम माल की जकात नहीं

क्या फरमाते हैं उल्मा ए दीन इस मसअला में कि हराम तरीके से कमाए हुए माल की जकात अदा करनी होती है या हराम माल की जकात अदा नहीं की जा सकती ?प्रश्नकर्ता: समीर रज़ा, बड़ौदा गुजरात। ۞۞۞ अल-जवाब ۞۞۞ हराम तरीके से हासिल किया हुआ माल खबीस़ है और खबीस़ माल पर जकात नहीं […]

धार्मिक

क्या चाहते हैं आप लोग ?

सेहरी में 1 घंटे माइक पर नात तक़रीर बजाकर क्या साबित करना चाहते हैं, यही की हम बहुत बड़े बड़े वाले दीनदार हैं,क्या आप लोग चाहते हैं कि अज़ान भी माइक से बंद हो जाये?हालात के साथ जीना सीखो वरना यही हालात आपको किसी हालात के लायक नही छोड़ेंगे,सबके पास मोबाइल है, अलार्म है, घड़ी […]

धार्मिक

रोज़ा का बयान (क़िस्त 3)

हदीस शरीफ़:सहीहीन व सुनने तिर्मिज़ी व निसाई व सहीह इब्ने ख़ुज़ैमा में सहल बिन सअद रज़िअल्लाहू तआला अन्ह से मरवी है किरसूलल्लाह सल्लल्लाहू तआला अलैहि वसल्लम फ़रमाते हैं:जन्नत में आठ (8) दरवाज़े हैं उनमें एक दरवाज़ा का नाम रय्यान है इस दरवाज़ा से वोही जाएंगे जो रोज़े रखते हैं। हदीस शरीफ़:बुखारी व मुस्लिम में अबू […]

मसाइल-ए-दीनीया

ज़कात का बयान

सवाल:ज़कात फ़र्ज़ है या वाजिब,जवाब:- ज़कात फर्ज है । उसकी फर्जीयत का इन्कार करने वाला काफ़िर और न अदा करने वाला फ़ासिक और अदायगी मे देर करने वाला गुनाहगार मरदूदुश्शहादा हैं (गवाही देने के लायक नहीं है) सवाल:ज़कात फ़र्ज होने की शर्तें क्या हैं?जवाब:- चन्द शर्तें हैं, मुसलमान आकिल बालिग होना, माल बक़दरे निसाब का […]

गोरखपुर मसाइल-ए-दीनीया

जकात की अदायगी में ताख़ीर करना जायज़ नहीं : उलमा-ए-किराम

गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर बुधवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं; 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]

जीवन चरित्र धार्मिक

मूसा अलयहीस्सलाम के साथ जन्नत में कौन होगा ?

मूसा अलयहीस्सलाम ने एक दिन अल्लाह की बारगाह में अर्ज किया के ऐ मेरे रब मेरे साथ जन्नत में कौन होगा?इरशाद हुआ कि: एक कस्साब तुम्हारे साथ जन्नत में होगा।हज़रत मूसा अलयहीस्सलाम कुछ हैरान हुए और उस कस्साब की तलाश में निकल पड़ेऔर एक जगह पर गोश्त की दूकान पर कस्साब को गोश्त बेचते हुए […]

मसाइल-ए-दीनीया

रोजे में मंजन और टूथपेस्ट इस्तेमाल करना कैसा ?

रोजे की हालत में मंजन या टूथपेस्ट करना कैसा है?प्रश्नकर्ता: अफसाना शेख गोपीगंज भदोही यूपी इंडिया ۞۞۞ अल-जवाब ۞۞۞ पूछी गई सूरत में बिला जरूरत टूथपेस्ट और मंजन करना मकरूह है जबकि मुकम्मल इत्मीनान हो कि कोई ज़र्रा हलक से नीचे ना उतरेगा और कोई ज़र्रा हलक से नीचे उतर गया तो रोजा टूट जाएगा।अल्लामा […]

मसाइल-ए-दीनीया

रोज़ा के मसाइल

सवाल:रोज़े की ह़ालत में आंखों में दवा डाल सकते हैं कि नहीं ?जवाब:-रोज़े की ह़ालत में आंखों में दवा डालने में कोई ह़रज नहीं इस से रोज़ा नहीं टूटेगा।📚शामी जिल्द 2 सफह 395 सवाल:-सवाल रात में आंखें नहीं खुली जिस की वजह से सेहरी नहीं खा पाये तो क्या बगैर सेहरी के रोज़ा रख सकते […]

मसाइल-ए-दीनीया

ज़कात ना देने का अज़ाब

अल्लाह तआला के लिए माल के एक हिस्सा का जो शरीयत ने मुक़र्रर किया है किसी फ़क़ीर को मालिक बना देना ज़कात कहलाता है। ज़कात फ़र्ज़ है इसकी फ़र्जीयत का इनकार करने वाला काफ़िर और ना अदा करने वाला फ़ासिक़, अदायगी में ताख़ीर करने वाला गुनहगार मरदूदुश्शहादा है। अल्लाह तआला ने इरशाद फ़रमाया:आयते करीमा (तर्जमा)और […]

धार्मिक

रोज़ा का बयान(क़िस्त 2)

हदीस शरीफ़:इब्ने माजा, हज़रत अनस रज़िअल्लाहू तआला अन्ह से रावी कहते हैं रमज़ान आया, तो हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया “ये महीना आया इसमें एक रात हज़ार महीनों से बेहतर है जो इससे महरूम रहा वो हर चीज़ से महरूम रहा और उसकी ख़ैर से वही महरूम होगा जो पूरा महरूम है। हदीस शरीफ़:बैहक़ी इब्ने अब्बास […]