➡कज़ा हर रोज़ की 20 रक्अ़तें होती हैं, 👉🏻2 फ़र्ज़ फ़ज्र के👉🏻4 फ़र्ज़ जो़हर के👉🏻4 फ़र्ज़ अ़स्र के👉🏻3 फ़र्ज़ मग़रिब के👉🏻4 फ़र्ज़ इशा के👉🏻3 वित्र इशा के निय्यत इस त़रह़ करे जैसे- फ़ज्र की क़ज़ा हो तो यूं निय्यत करे:- “सबसे पहली फ़ज्र जो मुझसे क़ज़ा हुई उसको अदा करता हूं”!हर नमाज़ में इसी त़रह़ […]
लेख
बिजनेस की नियत से ज़मीन खरीदी है तो उस पर जकात फ़र्ज़ है : उलमा-ए-किराम
गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर सोमवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने अलविदा, ईद, नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, […]
पूरे मोहल्ले से कोई भी एतिकाफ़ में नहीं बैठा तो सब गुनाहगार: उलमा-ए-किराम
गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर शनिवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]
क़र्ज़ दी गई रकम पर जकात फ़र्ज़ है: उलमा-ए-किराम
गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर शुक्रवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]
खांसते समय मुंह से ब्लड आ जाए तो रोज़ा नहीं टूटेगा: उलमा-ए-किराम
गोरखपुर। उलमा-ए-अहले सुन्नत द्वारा जारी रमज़ान हेल्पलाइन नंबरों पर गुरुवार को सवाल-जवाब का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने नमाज़, रोज़ा, जकात, फित्रा आदि के बारे में सवाल किए। उलमा-ए-किराम ने क़ुरआन व हदीस की रोशनी में जवाब दिया। इन नम्बरों पर आप भी सवाल कर जवाब हासिल कर सकते हैं 9956971232, 8604887862, 9598348521, 73880 95737, […]
ज़कात हम मे से कौन और क्यूँ अदा करे ???
मुफ्ती मुजाहिद हुसैन रज़वी मिस्बाहीसदर मुफ्ती, दारूल उलूम ग़रीब नवाज़, प्रयागराज, यू. पी इस्लाम धर्म ने अपने उन अनुयाइयों पर ज़कात के रूप मेंप्रति वर्ष अपनी बचत के अढ़ाई पर्तिशत हिस्से का ग़रीबों को मालिक बना देना अनिवार्य कर दिया है जो आर्थिक रूप से अमीरी की एक निर्धारित रेखा पर पहुंच गये हों, और […]
