धार्मिक

मौत की याद और लज़ीज़ खाने

एक बादशाह किसी अल्लाह वाले का मुरीद था जब भी अल्लाह वाले बादशाह के यहां आते तो बादशाह अपने मुर्शिद के लिए दुनियां जहां के तमाम खाने तैयार करवाता लेकिन उसके मुर्शिद सिर्फ थोड़ा सा खाना लेते बाक़ी छोड़ देते या हाथ पीछे कर लेते हर दफा बादशाह खाने तैयार करवाता और मुर्शिद हर दफा […]

जीवन चरित्र

दुनिया के सबसे पहले ताकतवर बादशाह नमरूद को जब लंगड़े मच्छर ने मारा

जावेद शाह खजराना (लेखक) दुनिया में सिर्फ 4 लोग गुजरे हैं । जिन्होंने सारी दुनिया में हुकूमत की। इनमें से 2 मोमीन और 2 काफिर बादशाह थे। 2 काफिर बादशाह नमरूद और बख्ते_नसर थे । ये दोनों इराक के बाबुल शहर के हुक्मरान थे। करीब 5000 साल पहले की बात है। हजरत नूह अलैही0 के […]

ऐतिहासिक धार्मिक

हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम का आख़री ख़ुत्बा !

मैदान-ए-अरफ़ात(मक्काह) में 9 ज़िल्हिज्ज् ,10 हिजरी को मोहम्मद सल.अलैहि वसल्लम ने हज का आखरी ख़ुत्बा दिया था। बहुत अहम संदेश दिया था। गौर से पढे हर बात बार बार पढे सोचे कि कितना अहम संदेश दिया था ऐ लोगो ! सुनो, मुझे नही लगता के अगले साल मैं तुम्हारे दरमियान मौजूद रहूंगा , मेरी बातों […]

लेख

क्या वे सब मुसलमान थे ?

लेख: खलील अहमद फैज़ानी मुसलमान कभी आतंकवादी नहीं होता…मुसलमान हमेशा शांतिप्रिय होता है…इस्लाम शब्द ही सुरक्षा और शांति का गारंटर है.. सुरक्षा के मायने छिपे हैं इस्लाम और आस्था की गहराइयों में…और शांति …. शांती और प्यार ..-आज अगर कोई अकेला मुसलमान अपनी अज्ञानता से किसी को आर्थिक या मानवीय नुकसान पहुंचाता है तो सभी […]

राजनीतिक

तुंदी ए बाद ए मुख़ालिफ़ से न घबरा ऐ उक़ाब

लेख: कलीमुल हफ़ीज़, नई दिल्ली अम्न व अमान, सद्भावना, भाईचारा और गंगा जमुनी तहज़ीब के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हमारे प्यारे देश हिन्दुस्तान को न जाने किसकी नज़र लग गयी। कोरोना जैसी वबा ने देश और दुनिया की सतह पर जो तबाही मचाई थी उसके बाद होना यह चाहिए था कि मुल्क को तरक़्क़ी […]

धार्मिक

क़ुर्बानी के फज़ाइल व मसाइल (क़िस्त 3)

हदीस शरीफ़ हज़ूर सल्लल्लाहू तआला अलैही व सल्लम न इरशाद फ़रमाया:अफ़ज़ल क़ुर्बानी वो है जो बा एतबारे क़ीमत आला हो और खूब फ़रबा हो। (इमाम अहमद, बहारे शरीअत हिस्सा 15 सफ़ह 131) हदीस शरीफ़ इब्ने अब्बास रज़िअल्लाहू तआला अन्हुमा से रावीहुजूर ने रात में कुर्बानी करने से मना फ़रमाया। (तिब्रानी) हदीस शरीफ़ हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला […]

धार्मिक

क़ुर्बानी के फज़ाइल व मसाइल (क़िस्त 2)

हदीस शरीफ़ इमाम मुस्लिम हज़रते आयशा सिद्दीक़ा रज़िअल्लाहू तआला अन्हा से रावी के हुज़ूर अलैहिस्सलाम ने हुक्म फ़रमाया किसींग वाला मेंढा लाया जाए जो स्याही में चलता हो और स्याही में बैठता हो और स्याही में नज़र करता हो यानी उसके पांव सियाह हों और पेट सियाह हो और आंखें सियाह हों वो कुर्बानी के […]

जीवन चरित्र

अखंड भारत के अज़ीम शहंशाह आलमगीर औरंगज़ेब अलैहि रहमा

शहनशाह आलमगीर औरंगजेब अलैहि रहमा के राज में अखंड भारत का इलाका अफगानिस्तान से लेकर म्यांमार तक फैला हुआ था। आपने अखंड भारत पर सन 1658 से 1707 तक करीब 49 साल तक एकछत्र राज किया। जबकि किसी दुसरे बादशाह ने इतने बड़े इलाके पर एकछत्र राज नहीं किया है। आपकी मिलिट्री में सबसे ज्यादा […]

धार्मिक

क़ुर्बानी का फज़ाइल व मसाइल (क़िस्त 01)

मख़्सूस जानवर को मख़्सूस दिन में ब नियते तक़र्रुब ज़िबाह करना कुर्बानी है और कभी उस जानवर को भी अज़्हियह और कुर्बानी कहते हैं जो ज़िबह किया जाता है। कुर्बानी हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है जो इस उम्मत के लिए बाक़ी रखी गई और नबी ए करीम सल्लल्लाहू तआला अलैही वसल्लम को कुर्बानी करने […]

धार्मिक

माल व मनसब का लालच दीन के लिए नुकसान दह है

खलील अहमद फैज़ानी माल व मरतबा का हिर्स निहायत हीनुकसान दह है …इन दोनों की मोहब्बत दुनिया की मुहब्बत पैदा करती है और खालिक की इताअत से दूर करती है …हज़रत काअब बिन मालिक रदी अल्लहो ताआला अन्ह से रिवायत है रसुलुल्लाह सल्लाहो अलैहे वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया दो भुखे भेड़िए बकरियों के रेवड़ में […]