बरेली।29 सफर 1444 हिजरी मुताबिक़ 27 सितंबर 2022 बरोज़ मंगल रबियुल अव्वल (ईद मिलादुन्नबी) का चाँद नज़र आया। सुन्नी मरकज दरगाह आला हज़रत स्थित मरकज़ी दारुल इफ्ता की मरकज़ी रुयते हिलाल कमेटी ने बरोज़ मंगल 29 सफर को चाँद देखने का आह्वान किया था, बरेली शहर और आस-पास के लोगों ने आम तौर पर चांद […]
Author: Hindi@Hamariaawaz
गणित-विज्ञान समेत सौ विषयों में माहिर थे आला हज़रत: मुफ़्ती अख़्तर
44वां जलसा-ए-आला हज़रत गोरखपुर। सोमवार देर रात आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खां की याद में तुर्कमानपुर नूरी मस्जिद के पास 44वां सालाना जलसा हुआ। संयोजक शाबान अहमद व अलाउद्दीन निज़ामी ने उलमा किराम का सम्मान किया। मुख्य अतिथि संतकबीर नगर के शहर काजी मुफ़्ती अख़्तर हुसैन अलीमी ने कहा कि आला हज़रत इमाम अहमद […]
मुफ्ती असजद मियां की दस्त बोसी व बैअत कर दुआएं, इजाजत लेते हुए अपने घरों को वापस हुएं ज़ायरीन
उर्स-ए-रज़वी में विषेश सहयोग के लिए उर्स प्रभारी ने जिला प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। एयरपोर्ट खोलने पर जायरीनों ने जताई खुशी। बोले बरेली का सफर हुआ आसान। बरेली।दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एंव उर्स प्रभारी सलमान मिया ने आला हज़रत के 104वां उर्स-ए-रज़वी पर विषेश सहयोग के लिए जिला […]
मुफ़्ती आज़म-ए-हिन्द के ख़लीफ़ा सूफी अब्दुल लतीफ नूरी का उर्स से वापिस लौटते समय लखनऊ में हुआ इंतेक़ाल
बरेली शरीफमुफ़्ती-ए-आज़म हिन्द के ख़लीफ़ा हज़रत सूफी अब्दुल लतीफ नूरी (67 वर्ष) जो हसनपुर ज़िला बस्ती के रहने वाले थे। उर्स-ए-रज़वी में शिरकत करने बरेली शरीफ आये थे। कुल शरीफ के बाद शाम वापिस अपनी ख़ानक़ाह बस्ती रवाना हुए थे। लखनऊ पहुँचने के बाद अचानक तबियत बिगड़ी। अलीगंज स्थित अपने मुरीद ज़ाफ़र अली के निवास […]
मस्जिदों और मदरसों को निशाना न बनाए हुकूमत-ए-हिंद: मुफ्ती असजद मियां
बरेली। दरगाह आला हज़रत/ताजुश्शरियाइमाम अहले सुन्नत सरकार आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खां फाजिले बरेलवी का 104वा उर्स-ए-रजवी बड़ी ही अकीदत के साथ दरगाह ताजुश्शरिया और सीबीगंज स्थित मदरसा जामियातुर्रज़ा में काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती और जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां की सदारत […]
बरेली: मुफ़्ती अज़म-ए-हिन्द, जिलानी मियां व रेहाने मिल्लत के कुल शरीफ की अदा की गई रस्म
हक़्क़नियत के अलमबरदार थे मुफ्ती-ए-आज़म हिन्द ख़ानक़ाही व सूफी विचार धारा की तब्लीग के लिए दो दर्जन से अधिक मुल्कों का दौरा किया था रेहाने मिल्लत ने। दरगाह आला हज़रतबरेली शरीफ।आज आला हज़रत फ़ाज़िले बरेलवी के 104 वा उर्से रज़वी के दौरान आज मुफ्ती-ए-आज़म हिन्द,मुफ़स्सिर-ए-आज़म व रेहाने मिल्लत के कुल शरीफ की रस्म दरगाह प्रमुख […]
