सिद्धार्थनगर । प्रसिद्ध सूफी स्कॉलर अल्लामा गुलाम अब्दुल कादिर अल्वी सज्जादा नशीन खानकाह यारे अल्वीया बरांव शरीफ ने गरीबों को सर्दी से बचाने के लिए पैगाम देते हुए कहा कि सर्दी की रातें गरीबों के लिए बहुत भारी पड़ती हैं। बहुत से गरीब इन सर्दी की रातों में खुले आसमान के नीचे कांपते रहते हैं। हालांकि ऐसे कई लोग हैं, जो गरीबों की पीड़ा को समझते हुए नेक कार्य के लिए आगे आते हैं और गर्म कपड़े, कंबल आदि का वितरण कर लोगों को मानव सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। इस भीषण सर्दी में ग़रीबों और लाचारों की मदद से बड़ा कोई भी काम नहीं हो सकता। अल्लाह गरीबों की मदद करने वालों की कमाई में बरकत अता फरमाता है। अल्लामा आसिफ अल्वी अज़हरी नायब सज्जादा नशीन ने कहा कि यह भी सत्य है कि बहुत से हमारे गरीब भाइयों तक मदद नही पहुंच पाती है ऐसे में जरूरी है कि हर आदमी अपने अपने पड़ोसी की जरुरत पर ध्यान दे और हर संभव मदद करे इस तरह हर जरुरतमंद तक मदद पहुंचाई जा सकती है, और यही इन्सानियत का सबसे बड़ा फर्ज है।
Related Articles
निकाह से पहले लड़की देखना कैसा है
अकसर लोगो मे शादी से पहले लड़की देखना बुरा समझा जाता हैं अलबत्ता उसकी फ़ोटो को देने मे कोई ऐतराज़ नही किया जाता, सवाल ये हैं के जिस फ़ोटो को लड़के को देखने के लिये दिया जाता हैं उस फ़ोटो के खीचने वाला मर्द क्या उस लड़की का महरम होता हैं, अकसरीयत ऐसी हैं जो […]
रमजान हमदर्दी और प्यार व मोहब्बत का सन्देश देता है: अल्लामा अल्वी साहब
सिद्धार्थनगर,2 अप्रैल,2022, हमारी आवाज़मशहूर आलिमे दीन अल्लामा गुलाम अब्दुल का़दिर अल्वी सज्जादा नशीन खानकाह यार अल्वीया बराव शरीफ ने पवित्र रमजान माह के शुरू होने पर देश वासियों को मुबारकबाद देते हुए कहा है कि इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पवित्र महीना माह-ए-रमजान है। यह क़ुरआन शरीफ के दुनिया में नाजिल होने का महीना है, यह […]
हिन्दुस्तान की जंगे आजादी में उलमा-ए-अहले सुन्नत
हिन्दुस्तान में अंग्रेज आये और अपनी मक्कारी से यहां के हुक्मरां बन गए। सबसे पहले अंग्रेजों के ख़िलाफ़ अल्लामा फज्ले हक़ खैराबादी ने दिल्ली की जामा मस्जिद से जिहाद के लिए फतवा दिया। पूरे मुल्क के हिंदू-मुसलमान तन, मन और धन से अंग्रेजों के ख़िलाफ़ सरफ़रोशी का जज़्बा लिए मैदान में कूद पड़े। लाल किले […]
