बाराबंकी

बाराबंकी: भारत छोड़ो आन्दोलन की 80वीं वर्षगांठ को जन दिवस के रूप में मनाया गया


बाराबंकी! (अबू शहमा अंसारी)भारत छोड़ो आन्दोलन की 80वीं वर्षगांठ को जन दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई ‘भारत जोड़ो, नफ़रत छोड़ो‘ की मुहिम पर आचार्य नरेन्द्र देव समाजवादी संस्थान के संयुक्त सचिव नवीन चन्द्र तिवारी, गांधीवादी राजनाथ शर्मा, समाजवादी चिन्तक रामकिशोर, जयप्रकाश, पूर्व हॉकी खिलाड़ी सलाहउद्दीन किदवई, आप नेता धर्मवीर सिंह, सोशलिस्ट पार्टी के नेता अमित मौर्य, समाजसेवी विनय कुमार सिंह सहित कई युवा, छात्र, अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गांधी भवन से पटेल प्रतिमा तक मौन जुलूस निकाला। इससे पहले नवीन तिवारी ने गांधी भवन में झण्डारोहण किया। तदोपरान्त महात्मा गांधी की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर अगस्त क्रान्ति के शहीदों को श्रöांजलि दी।
सभा की अध्यक्षता कर रहे अचार्य नरेन्द्र देव समाजवादी संस्थान के संयुक्त सचिव नवीन चन्द्र तिवारी ने कहा कि समाजवादियों ने देश को आजाद कराने के लिए सेतु का काम किया। उन्होंने क्रान्तिकारियों कार्यशैली और कांग्रेस की नीतियों के बीच का रास्ता निकाला और भारत छोड़ो आन्दोलन की पटकथा लिखी। 9 अगस्त 1942 का यह आंदोलन एक जन आंदोलन बन गया। जयप्रकाश नारायण, डॉ राममनोहर लोहिया, अरुणा आसफ अली, अच्युत्य पटवर्öन, युसूफ मेहर अली जिन्होंने, 1934 में कांग्रेस से टूटकर कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के नाम से एक अलग संगठन बना लिया था। उन्होने इस आंदोलन का नेतृत्व किया।
गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष राजनाथ शर्मा ने कहा कि आजादी की असल तारीख 9 अगस्त होनी चाहिए। जब महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश की आज़ादी की अंतिम लड़ाई लड़ी गई। ‘करो या मरो‘ के आह्वाहन पर पूरा देश बापू के साथ चल पड़ा और 09 अगस्त के दिन मुम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान में श्रीमती अरुणा आसफ अली ने तिरंगा फहरा कर इस लड़ाई को नई दिशा दी। डॉ. लोहिया का कहना था कि 9 अगस्त अच्छे तरीके से मनाया जाना चाहिए। ताकि 15 अगस्त भूल जाए, बल्कि 26 जनवरी भी पृष्ठभूमि में चली जाए या उसकी समानता में आ जाए। 26 जनवरी और 9 अगस्त एक ही श्रेणी की घटनाएँ हैं। एक में आज़ादी की इच्छा की अभिव्यक्ति थी और दूसरी ने आज़ादी के लिए लड़ने का संकल्प करवाया।

सभा को समाजवादी चिन्तक राम किशोर, जयप्रकाश, अमित मौर्य, धर्मवीर सिंह, हुमायूं नईम खान, सोनू यादव ने सम्बोधित किया। सभा का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से मो. अनस, अशोक शुक्ला, प्रेम नारायण, विनय कुमार सिंह, प्रदीप सिंह वर्मा, सरदार जुगराज सिंह, तौकीर कर्रार, मृत्युंजय शर्मा, सत्यवान वर्मा, वीरेन्द्र सिंह, भागीरथ गौतम, साकेत मौर्य, राजेश यादव, तरूण मिश्रा, अशोक जायसवाल, अतीर्करहमान, विनोद भारती, शिवा शर्मा, अजीज अहमद सहित कई लोग मौजूद रहे।

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