कविता

मनकबत: हमें तुमने अपना लिया आ़ला ह़ज़रत

है क़ल्बो जिगर की सदा आ़ला ह़ज़रत
हो तुम आ़शि़के़ मुस्त़फा़ आ़ला ह़ज़रत

यही है मेरी इल्तिजा आ़ला ह़ज़रत
करो जामे उल्फ़त आ़ता आ़ला ह़ज़रत

बना कर यह दिल आईना आ़ला ह़ज़रत
हमें तुम ने अपना लिया आ़ला ह़ज़रत

मैं नजदी के झांसे में आऊं ना हर गिज़
मुझे राहे ह़क़ पर चला आ़ला ह़ज़रत

उसे खौ़फ़ कुछ भी नहीं नजदीयूं का
रहेगा जो तुम पर फि़दा आ़ला ह़ज़रत

ना छोड़ेगा वह दामन ए सुन्नीयत को
जो आ़शि़क़ तुम्हारा हुवा आ़ला ह़ज़रत

ज़बां में हो नौशा़द की इतनी ता़क़त
क़सीदा पढ़े आप का आ़ला ह़ज़रत

शोऐब रज़ा

विश्व प्रसिद्ध वेब पोर्टल हमारी आवाज़ के संस्थापक और निदेशक श्री मौलाना मोहम्मद शोऐब रज़ा साहब हैं, जो गोरखपुर (यूपी) के सबसे पुराने शहर गोला बाजार से ताल्लुक रखते हैं। वे एक सफल वेब डिजाइनर भी हैं। हमारी आवाज़

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button