कविता

किसानों का साथ दो

फ़रीदी सिद्दीकी़ मिस्बाही

जफा़ कशी में किसानों का रंग है बे जोङ
ज़मीं के सीने से फ़सले अनाज खींचते हैं

ये जब भी उठते हैं जा़लिम से अपना हक़ लेने
बङी दिलेरी से शाहों का राज खींचते हैं

ऐ हुकमरानो! संभल जाओ मानो इन की बात
ये जि़द पे आऐं तो फिर तख्तो ताज खींचते हैं

ज़माना इन से सबक़ इत्तेहाद का सीखे
ये मौज बन के सफे इहतिजाज खींचते हैं

शोऐब रज़ा

विश्व प्रसिद्ध वेब पोर्टल हमारी आवाज़ के संस्थापक और निदेशक श्री मौलाना मोहम्मद शोऐब रज़ा साहब हैं, जो गोरखपुर (यूपी) के सबसे पुराने शहर गोला बाजार से ताल्लुक रखते हैं। वे एक सफल वेब डिजाइनर भी हैं। हमारी आवाज़

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