इस ख़बर को अपने पसंदीदा भाषा में पढ़ें [gtranslate] बाराबंकी!(अबू शहमा अंसारी)समाजवादी पार्टी ही एक इकलौती ऐसी पार्टी है जो हमेशा गांव गरीब गुरबत मे रहने वाले लोगों के हक अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ती है सभी जात धर्म और संप्रदाय के लोगों के लोगों का सम्मान हमेशा समाजवादी पार्टी में […]
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विश्व मानवाधिकार परिषद संगठन की ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग का आयोजन किया गया
इस ख़बर को अपने पसंदीदा भाषा में पढ़ें [gtranslate] कोर कमेटी एवं एडवाइजरी के पदाधिकारियों की सहमति से कुछ अहम फैसले भी लिए गए। अबू शहमा अंसारीलखनऊ: सामाजिक संगठन विश्व मानवाधिकार परिषद की ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग का आयोजन किया गया, मीटिंग का संचालन महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती आरती राजपूत ने की मीटिंग की […]
जल जीवन का विभिन्न अंग है। विकासखंड बांसगांव पर दो दिवसीय जल गुणवत्ता जांच प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
इस ख़बर को अपने पसंदीदा भाषा में पढ़ें [gtranslate] गोरखपुर | नमामि गंगे एवं ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग जल शक्ति मंत्रालय उत्तर प्रदेश एवं भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन ग्रामीण हर घर जल योजना के अंतर्गत विकासखंड बांसगांव पर एस, टी, के, F, T, K, Kit, प्रशिक्षण एवं किट वितरण के माध्यम […]
इस्लाम ज़िंदा होता है हर कर्बला के बाद
मस्जिदों में जारी ‘जिक्रे शोह-दाए-कर्बला’ महफिल गोरखपुर। माहे मुहर्रम शुरु हो चुका है। माहौल सोगवार है। महफिल व मजलिसों के जरिए हज़रत सैयदना इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु व उनके साथियों की कुर्बानी को याद किया जा रहा है। मस्जिदों में ‘जिक्रे शोह-दाए-कर्बला’ महफिल में हज़रत सैयदना इमाम हुसैन व उनके साथियों की शान बयान की […]
शहादत दिवस पर हज़रत सैयदना उमर को शिद्दत से किया याद
गोरखपुर। रविवार को मुसलमानों के दूसरे खलीफा अमीरुल मोमिनीन हज़रत सैयदना उमर रदियल्लाहु अन्हु को उनके शहादत दिवस पर शिद्दत से याद किया गया। चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में गौसे आज़म फाउंडेशन ने कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी की। कर्बला के शहीदों की याद में रहमतनगर में दस दिनों के लिए पानी स्टॉल का […]
मुहर्रम की पहली तारीख़ आज, नये इस्लामी साल का आगाज
गोरखपुर। रविवार को माहे मुहर्रम की पहली तारीख़ है। पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के नवासे हज़रत सैयदना इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु व उनके साथियों द्वारा दी गई अज़ीम कुर्बानी की याद ताजा हो गई है। शनिवार की शाम से नये इस्लामी साल यानी 1444 हिजरी का आगाज हो गया। उलमा किराम ने […]