गोरखपुर-रामगढ़ ताल थाना की पुलिस ने रविवार को दुष्कर्म के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। रविवार को रामगढ़ ताल थाना पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिला कि वांछित योगेंद्र सिंह उर्फ जोगिंदर सिंह पुत्र राम प्यारे निवासी तारामंडल रोड बुध विहार पार्ट बी कॉलोनी निकट कलश चिकित्सालय थाना रामगढ़ ताल जनपद गोरखपुर स्थाई पता ग्राम पकड़ी पोस्ट पचपेड़वा थाना बेलघाट जनपद गोरखपुर 45 वर्ष को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही करते हुए न्यायालय भेजा, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।आप को बता दें कि आरोपियों पर धारा मु० अ० स० 288/22 धारा 376 आईपीसी के मुकदमा दर्ज किया गया था। रामगढ़ ताल थाना प्रभारी सुशील कुमार शुक्ला के नेतृत्व में चिड़ियाघर चौकी इंचार्ज अजय कुमार ने अपने हमराह आरक्षी सचिन कुमार वर्मा के साथ रविवार को मुखबिर की सूचना पर इन्हें रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र स्थित रामपूर हनुमान मंदिर तिराहा के पास से वांछित को गिरफ्तार किया गया। इस अभियुक्त के ऊपर मुकदमा पंजीकृत किया गया था। तब से ये घर से फरार था।रविवार को दुष्कर्म व्यक्ति को गिरफ्तार करते हुए कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
Related Articles
ईद मिलादुन्नबी: गोरखपुर शहर में गूंजा ‘मुस्तफा जाने रहमत पे लाखों सलाम’ का तराना
गोरखपुर। पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिवस की खुशी ईद मिलादुन्नबी के रूप में गुरुवार को अकीदत, अदब व एहतराम से मनाई गई। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर घर, मस्जिद, मदरसा व दरगाहों में ‘जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी’ की महफिल सजी। क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत हुई। दरूदो-सलाम का नज़राना पेश किया गया। फातिहा ख्वानी व […]
अमन शांति व भाईचारा हर हाल में कायम रखें: प्रशासन
गोरखपुर। गुरुवार को डीआईजी संग उलमा किराम व बुद्धिजीवी वर्ग की मीटिंग हुई। जिसमें शहर का अमन चैन कायम रखने पर जोर दिया गया। हर हाल में शांति व्यवस्था बनी रहे। जुमा की नमाज़ शांति के साथ अदा करें। कहीं भी भीड़ भाड़ न लगाएं। अफवाह न फैलाएं। गंगा जमुनी तहजीब कायम रखने के लिए […]
पैग़ंबर-ए-आज़म पूरी दुनिया के रहनुमा व सरदार: मुफ़्ती अज़हर
महफिल-ए-मिलादुन्नबी का 9वां दिन गोरखपुर। शनिवार को महफिल-ए-मिलादुन्नबी के 9वें दिन बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में मौलाना अली अहमद ने कहा कि पैग़ंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने गुलामी प्रथा का उन्मूलन किया। गुलामों को आज़ाद करने के लिए लोगों को उभारा। उन्हें समानता प्रदान की। पैग़ंबर-ए-आज़म ने महाजनी प्रथा को समाप्त कर दिया। […]

