गोरखपुर

92 साल की सुलोचना की जुबानी आज सुनें बंटवारे की पीड़ा

  • विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में प्राणी उद्यान में प्रदर्शनी का समापन आज

गोरखपुर। भारत के विभाजन का दंश समेटे पाकिस्तान के पेशावर जिले से बंटवारे की पीड़ा समेटे सिर्फ 11 साल की उम्र में भारत आईं 92 साल की श्रीमती सुलोचना मलहोत्रा रविवार को शहीद अशफाक उल्ला ख़ां प्राणी उद्यान में विभाजन की भोगी गई त्रासदी की कहानी सुनाएंगी। शहीद अशफाक उल्ला ख़ां प्राणी उद्यान एवं हेरिटेज फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में चल रही पांच दिवसीय प्रदर्शनी का समापन भी हो जाएगा।

प्राणी उद्यान के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था हेरिटेज फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को 11.30 बजे, श्रीमती सुलोचना मल्होत्रा का संवाद आयोजित होगा। भारत पाकिस्तान विभाजन के दौर में पेशावर से भारत की यात्रा में उनके माता पिता की हत्या कर दी गई। अपने 10 साल के छोटे भाई और कुनबे के लोगों के साथ वे भारत पहुंचीं। उस दर्द को स्मरण कर आज भी उनकी आंखें भर आती हैं। उनके साथ उत्तर प्रदेश पंजाबी एकेडमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू, हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ. अनिता अग्रवाल संवाद को संबोधित करेंगे।

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