गोरखपुर

परंपरा के अनुसार हुई मस्जिदों में परचम कुशाई

गोरखपुर। मोहल्ला गाजी रौजा स्थित गाजी मस्जिद में बाद नमाज़ फज्र परचम कुशाई मुफ्ती अख़्तर हुसैन मन्नानी (मुफ्ती-ए-शहर), हाफ़िज़ रेयाज अहमद व हाफ़िज़ आमिर हुसैन निज़ामी ने की। इसके बाद मिलाद शरीफ का प्रोग्राम हुआ। जिसमें मुफ़्ती अख्तर हुसैन ने पैग़ंबर-ए-आज़म के फजाइल बयान किए। कहा कि पैग़ंबर-ए-आज़म की तालीम से ही दुनिया में शांति संभव है। सारा जहां पैग़ंबर-ए-आज़म के विलादत की खुशियां मना रहा है। पैग़ंबर-ए-आज़म केवल मुसलमानों में ही नहीं बल्कि हर धर्म में कद्र की ऊंची मंजिल पर विराजमान हैं। पैग़ंबर-ए-आज़म की विलादत (जन्मदिवस) की ख़ुशी मनाना यह सिर्फ इंसानों की ही खासियत नहीं है बल्कि तमाम कायनात उनकी विलादत की खुशी मनाती है बल्कि खुद अल्लाह पैग़ंबर-ए-आज़म का मिलाद बयान फरमाता है। पूरा क़ुरआन ही मेरे आका की शान से भरा हुआ है। अल्लाह ने पैग़ंबर-ए-आज़म हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बैअत को अपनी बैअत, आपकी इज्जत को अपनी इज्जत, पैग़ंबर-ए-आज़म की ख़ुशी को अपनी ख़ुशी, आपकी मोहब्बत को अपनी मोहब्बत, आपकी नाराज़गी को अपनी नाराज़गी क़रार दिया है। इसके बाद सलातो-सलाम पढ़ा गया।

छोटे काजीपुर स्थित गौसिया जामा मस्जिद में परचम कुशाई की रस्म मौलाना मोहम्मद अहमद निज़ामी व कारी शमसुद्दीन ने अदा की। नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना मो. असलम रज़वी, शाबान अहमद, अलाउद्दीन निज़ामी, मनोव्वर अहमद, मस्जिद जामे नूर बहादुर शाह जफ़र कालोनी बहरामपुर में हाफ़िज़ सद्दाम हुसैन, मास्टर मुख्तार अहमद, कारी जमील मिस्बाही, मोहल्ला सौदागार सुन्नी मस्जिद में कारी मो. मोहसिन रज़ा, मियां बाजार में वारिस कमेटी के अब्दुल कादिर, नूर मोहम्मद दानिश, अली हसन, बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में मौलाना अली अहमद, अली गज़नफर शाह अज़हरी, तौसीफ, सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफ़रा बाजार में हाफ़िज़ रहमत अली निज़ामी, मस्जिद सुब्हानिया तकिया कवलदह में मौलाना जहांगीर अहमद अज़ीज़ी, फिरदौस जामा मस्जिद जमुनहिया बाग में मौलाना अनवर अहमद, मस्जिद खादिम हुसैन में कारी अफ़ज़ल बरकाती, अक्सा मस्जिद शाहिदाबाद में मौलाना तफज़्ज़ुल हुसैन व हाफ़िज़ अज़ीम अहमद, हुसैनी जामा मस्जिद बड़गो में मो. उस्मान बरकाती, नूरी जामा मस्जिद अहमदनगर चक्शा हुसैन में हाफ़िज़ शमसुद्दीन, हाफ़िज़ जमालुद्दीन, मौलाना शादाब अहमद, बेलाल मस्जिद इमामबाड़ा अलहदादपुर में कारी शराफत हुसैन क़ादरी, शाही जामा मस्जिद तकिया कवलदह में हाफ़िज़ मो. आफताब, मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर में नायब काजी मुफ़्ती मो. अज़हर शम्सी व कारी मो. अनस रज़वी, जामा मस्जिद रसूलपुर में मौलाना मो. शादाब बरकाती, चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में हाफ़िज़ महमूद रज़ा कादरी, मदरसा अरबिया शमसुल उलूम अहले सुन्नत चाफा मिर्जापुर बाजार में मो.सुलेमान अली, घोसीपुर में सैयद मोहम्मद काशिफ आदि ने परचम कुशाई की रस्म अदा की। इसके अलावा शहर की ज्यादातर मस्जिदों में परचम कुशाई की रस्म अदा की गई।

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