बरेली शिक्षा

नीट में विशेष स्थान प्राप्त कर खानदाने आलाहजरत की बेटी ने किया खानदान का नाम रौशन

दीनी व रूहानी मैदान में खिदमात अंजाम देने के साथ अब चिकित्सा के मैदान में भी खिदमात अंजाम देंगी खानदाने आलाहजरत की बेटियां।

आला हजरत और खानदाने आलाहजरत के बुजुर्गों और शहजादगान ने दशकों से रूहानियत, धार्मिक शिक्षा और मसलकी व खानकाही शिक्षा व दीक्षा के मैदान में विश्व स्तर पर अपना एक अहम मकाम बनाया है। खानदाने आलाहजरत की विश्व स्तर पर जो पहचान है वह धार्मिक और मसलकी व खानकाही शिक्षा के उत्थान के तौर पर है मगर जमाने की रफ्तार और मजहब व मसलक की जरूरतों को दष्टिगत रखते हुए अब खानदाने आलाहजरत की नई नस्ल धार्मिक शिक्षा के प्रचार व प्रसार के साथ माॅर्डन और आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में भी अपने कदम जमाने की ओर अग्रसर है। इसका सबसे अनूठा उदाहरण पेश किया है खानदाने आलाहजरत की एक शहज़ादी ‘‘मैमूना फातिमा’’ ने उन्हें सामान्य 1619 रैंक प्राप्त हुई है। मैमूना फातिमा आलिमा भी हैं और उन्होंने यह कामयाबी बिना कोंचिग के अपनी पहली ही कोशिश में हासिल की है। अभी कुछ दिन पहले इसी खानदान के हम्माद रज़ खाँ ने नीट में कामयाबी हासिल करके झांसी के मेडीकल काॅलेज में एमबीबीएस में दाखि़ला लिया है और कल नीट की काॅलेज अलाॅटमेन्ट की नई मेरिट जारी हुई है उसमें मैमूना फातिमा को जगदलपुर मेडीकल काॅलेज, छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस की सीट एलाॅट हुई है। यह पहली बार है कि खानदान के बच्चों ने मेडिकल के क्षेत्र में प्रवेश किया है। मैमूना फातिमा मौलाना उबैद रज़ा खाँ उर्फ नोमान मियाँ की बेटी और अमीने शरीअ़त हज़रत सिब्तैन रज़ा खाँ अलैहिर्रहमा की पोती हैं जो अपने वालिद मोहतरम के साथ रायपुर (छत्तीसगढ़) में रहते हैं। इन बातों का इजहार करते हुए आज नबीरा ए आलाहजरत व नबीरा ए उस्तादे जमन मो0 जुबैर रजा खाँ ने इस कामयाबी पर अपनी भाँजी मैमूना फातिमा और उनके वालिद जनाब मौलाना नोमान मियाँ को मुबारकबाद पेश की और कहा कि खानादान के यह दोनों बच्चे हम्माद रज़ा खाँ और मैमूना फातिमा डाॅक्टर बनकर ग़रीब व मज़लूमों की चिकीत्सीय खि़दमात को बखूबी अंजाम देंगे। बताते चलें कि मैमूना फातिमा आलाहजरत और आलाहजरत के भाई उस्तादे जमन अल्लामा हसन रजा खाँ बरेलवी की नस्ल से हैं। इस संबन्ध में दरगाह उस्तादे ज़मन ट्रस्ट के कुल हिन्द सदर नबीरा ए आलाहज़रत मो0 कैफ रजा खाँ ने कहा कि आलाहजरत के दौर में जिस तरह हमारे परदादा और आलाहजत के भतीजे व दामाद हजरत अल्लामा हकीम हुसैन रजा खाँ ने बिना किसी लोभ व लालच के मात्र इंसानियत की खिदमत के नाम पर यूनानी चिकित्सा द्वारा जरूरतमंदों की खिदमत की थी हमें मैमूना फातिमा से भी यही आशा है कि व अपने पूर्वजों खासकर अपने परदादा हकीम हुसैन रजा खाँ साहब के पदचिन्हों पर चलते हुए चिकित्सा के मैदान में इंसानियत की खिदमत करने का कार्य करेंगी।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया मैमूना फातिमा को नबीरा ए आलाहज़रत व उस्तादे ज़मन मो0 शुऐब रज़ा खाँ, मो0 अनीस रज़ा खाँ, नजमी रजा खाँ, रशीद रजा खाँ, शहाब रजा खाँ, मो0 अरीब रज़ा खाँ आदि ने इस कामयाबी पर मुबारकबाद पेश की और उनके लिए दुआएं कीं।

नासिर कुरैशी
मीडिया प्रभारी
9897556434

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