दिल्ली

रात के आठ बजे खराब हुई स्कूटी तो फरिश्ता बनकर पहुंचे मोहम्मद अलीम

नई दिल्ली। सर्दी की रात में जब लोग रजाई से बमुश्किल ही निकलना चाहते हैं जब तापमान 7 या 8 डिग्री तक गिरा हुआ हो, ऐसे में भी मोहम्मद अलीम जैसे लोग महिला हो या पुरुष हर किसी की राहगीरों के वाहनों को हाथ देकर मदद के लिए दौड़कर पहुंच रहे हैं। मांगनी चाही। लेकिन, कोई नहीं दरअसल, मामला नोएडा के महामाया मजबूर होकर उन्होंने अपनी एक मित्र फ्लाईओवर का है। दिल्ली के विवेक विहार फोन किया जहां से उन्हें मैकेनिक मोहम्मद इलाके की साक्षी नोएडा सेक्टर-125 में अलीम का नंबर मिला। साक्षी ने बताया एक सीए फर्म में नौकरी करती हैं। ऑफिस रात के समय एक अनजान मुस्लिम से लौटते समय एक दिन रात के आठबजे को फोन करने में वह डर रही थी। उनकेमन महामाया फ्लाईओवर पर उनकी स्कूटी तरह-तरह के विचार आरहेथे । लेकिन खराब हो गई, जो काफी मशक्कत के बाद भी कोई चारा भी नहीं था। काफी देर स्टार्ट नहीं हुई। काफी देर तक साक्षी ने सोच-विचार के बाद उन्होंने अलीम फोन किया, तो फोन नहीं उठा। लेकिन पांच मिनट बाद ही वापस फोन आया और उधर से एक मीठी सी आवाज सुनाई दी। बंदे ने मुझे दीदी कहकर संबोधित किया। फोन पर मो० अलीम थे। उन्होंने तुरंत मुझसे लोकेशन पूछी और चिंता न करने के लिए कहा। आधे घंटे में अलीम ने मेरे पास पहुंचकर स्कूटी •ठीक कर दी। साथ मुझसे यह पूछा कि आप कहां रहती हो रात का समय है मैं आपको घर तक छेड़ देता हूं। घर छोड़ने के बाद अलीम •ने मुझसे कहा कि आप आगे कभी भी मुझे मदद इस तरह की परेशानी होने पर मदद के लिए रुका। बेझिझक फोन कर सकती हैं। उस दिन मुझे को ऐहसास हुआ कि हमें कभी भी किसी व्यक्ति के बारे में उसके धर्म और जाति के कि आधार पर धारणा नहीं बनानी चाहिए, शख्स बल्कि उसके काम के आधार पर पहचानना चाहिए। साक्षी ने बताया कि बाद और मेंयूट्यूब और गूगल पर उन्होंने अलीम द्वारा तक महिलाओं और दिव्यांगों की निःशुल्क सेवा को करनेकी कई स्टोरी पढ़ी और देखीं।

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