राजनीतिक

यूपी विधानसभा चुनाव: जनता किसे वोट करे? तंज़ीम फारग़ीन-ए-अमजदीया सन 2010 ई०

आधिकारिक तौर पर भारत समेत पांच राज्यों में 10 फरवरी से विधानसभा चुनाव होंगे। मतदान केंद्र की घोषणा से पहले, “तंज़ीम फारग़ीन-ए-अमजदिया सन 2010ई०” के शाहीन सिफत यंग जीयाले उलेमा-ए-कराम ने सही जगह पर मतदान करके लोगों को उनके अधिकारों और हितों के लिए जगाने का एक दुर्लभ प्रयास किया है।” तंज़ीम के बैनर तले लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि हमारा देश, भारत एक लोकतांत्रिक देश है और इसका संविधान प्रत्येक संप्रदाय और राष्ट्र को अपने अधिकार के लिए सकारात्मक और ठोस कदम उठाने का अधिकार देता है। विचारणीय बात यह है कि आखिर जन्ता अपना क़ीमती वोट किस को दे? यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब चुनाव क़रीब आ जाता है। हे लोगों! आपको भारत के संविधान द्वारा वोट देने का पूरा अधिकार दिया गया है। आपको जिसे चाहें वोट देने का अधिकार है। लेकिन मेरी भी एक नाकि़स राय है जो आपके लिए बहुत उपयोगी होगी। आप जिस भी पार्टी को वोट देने जा रहे हैं, जाकर खुशी से वोट दें, लेकिन वोट देने से पहले, आपको एक बार और सभी के लिए सोचना चाहिए। आपने जिस पार्टी को पांच साल पहले वोट दिया, उसने क्या भला किया आप के क्षेत्र और समाज के लिए । क्योंकि हम अपना कीमती वोट जनता की भलाई के लिए डाल रहे हैं, एक बार फिर मौका आया है बेहतर निर्णय लेने का। नहीं तो अगले पांच साल पछतावे के सिवा कुछ नहीं होंगे।

रिपोर्टर: आसिफ जमील अमजदी गोंडवी
सदस्य: तंज़ीम फारग़ीन-ए- अमजदीया सन 2010ई०

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